यह कीड़ा प्याज, लहसुन के अलावा मिर्च और टमाटर की फसलों में भी लग जाता है. इस कीट से फसल को बचाना कई बार मुश्किल हो जाता है क्योंकि यह कीट बार-बार आता है. इसलिए किसानों को नियमित अंतराल पर दवाईयों का इस्तेमाल करना चाहिए. ताकि इस कीट पर नियंत्रण पाया जा सकें.
इसी तरह प्रारंभिक अवस्था में एसीफेट 75 प्रतिशत एसपी का इस्तेमाल आप कर सकते हैं. 300 से 400 ग्राम प्रति एकड़ इसका प्रयोग किया जाता है. एक संयुक्त दवाई एसीफेट 50 प्रतिशत और इमिडाक्लोप्रिड प्रति एकड़ 300 ग्राम इस्तेमाल कर सकते हैं.
फिप्रोनिल 5 प्रतिशत ई.सी. प्रति एकड़ 300 से 400 एमएल कर सकते हैं. फिप्रोनिल 40 प्रतिशत और इमिडा क्लोप्रिड 40 प्रतिशत को संयुक्त रूप से प्रति एकड़ के लिए 40 ग्राम उपयोग कर सकते हैं. ध्यान रहे कोई भी दवाई एक दो बार ज्यादा बार इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.