हलधर किसान, खरगोन। मप्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत शुरू की गई उप योजना एक बगिया मां के नाम अब ग्रामीण किसानों की आमदनी बढ़ाने में एक सशक्त माध्यम बन गई है। इस योजना का एक जीवंत उदाहरण हैं खरगोन जिले की जनपद पंचायत कसरावद के ग्राम ओझरा के प्रगतिशील किसान गणेश पटेल, जिन्होंने अपने निजी खेत में नींबू का बगीचा लगाकर न केवल अपनी आय दोगुनी की, बल्कि किसानों को नई राह भी दिखाई है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल ने जनपद पंचायत को जिले में एक बगिया मां के नाम से 3500 किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें किसानों को मजदूरी के साथ साथ पौधे, दवाई, तार फेंसिंग का भुगतान किया जाएगा।

एक बगिया मां के नाम में सभी जनपद पंचायत को अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित किए जाने के निर्देश दिए गए।
ग्राम पंचायत ओझरा के किसान गणेश ने 3 वर्ष पूर्व मनरेगा अंतर्गत निजी खेत में नंदन फलोद्यान उप योजना से 300 पौधे नींबू के लगाए गए। मनरेगा योजना से गणेश को 3 वर्ष की मजदूरी व पौधे लगाने हेतु खाद, सामग्री प्रदान की गई। वर्तमान में नींबू के पौधे में उपज अच्छी आने से स्थानीय व इंदौर मार्केट में लगभग डेढ़ सौ रुपए किलो के भाव से नींबू विगत चार माह से बिकने से किसान को 4.30 लाख से अधिक ही आय हुई।
श्री पटेल ने बताया पहले पारंपरिक खेती से 50 हजार से अधिक बचत नहीं होती थी परंतु नींबू फलों उद्यान लगाने से अब हमारी आय दोगुनी से भी अधिक हो गई है। स्थानीय मार्केट में नींबू की अच्छी मांग होने से 100 से 150 रुपए किलो से आसानी से नींबू बिक जाते हैं। इस वर्ष लगभग 4.30 लाख रुपए के नींबू बेच गए हैं इसमें दवाई खाद के रूप में 01 लाख का खर्च हुआ है और 03.30 लाख रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ है। उन्होंने अन्य किसानों से भी अपील की है कि, वे भी मनरेगा योजना से निजी फलोद्यान जो कि अब एक बगिया मां के नाम से हैं उसका लाभ उठाएं और अपनी खेती पर नींबू, आम, अमरूद के बगीचा लगाएं। इसके लिए मजदूरी, पौधे की दवाई की लागत पंचायत के माध्यम से मनरेगा योजना से प्राप्त होगी तथा आय में शुद्ध बचत होगी।
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