डोंगरमाली में कृषक जागरूकता शिविर का आयोजन, किसानों से कम पानी वाली फसलें लगाने की अपील

Adopted the variety of wheat prepared at the farmhouse bumper production is happening

हलधर किसान वारासिवनी
मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 14 नवंबर को डोंगरमाली वितरण केंद्र में कृषक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वारासिवनी एसडीएम श्री कार्तिकेय जायसवाल ने की। शिविर में जनपद सीईओ, कार्यपालन अभियंता (वारासिवनी) श्री बाबूलाल भैना, वृत्त कार्यालय बालाघाट से ईश्वर सुलाखे, सहायक अभियंता राहुल तुरकर, कनिष्ठ अभियंता मनोज ठाकरे सहित सिंचाई, पशुपालन, मत्स्यपालन, जल संसाधन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

कम पानी वाली फसलें अपनाने का आग्रह

एसडीएम श्री जायसवाल ने किसानों से अपील की कि रबी सीजन में धान के स्थान पर कम पानी में पकने वाली फसलों का चयन करें। उन्होंने कहा कि धान की सिंचाई में अधिक पानी लगता है, जबकि गर्मी के दिनों में नहरों के माध्यम से पर्याप्त जल उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा। उन्होंने किसानों को फसल चक्र अपनाने की सलाह दी।

समाधान योजना व अन्य योजनाओं की जानकारी

कार्यपालन अभियंता श्री भैना ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि डोंगरमाली क्षेत्र में 1294 उपभोक्ता हैं, जिनमें से अब तक मात्र 12 उपभोक्ताओं ने समाधान योजना का लाभ लिया है।
उपभोक्ता 10% राशि जमा कर पंजीकरण करा सकते हैं और एकमुश्त भुगतान पर 100% सरचार्ज माफ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की स्थिति

शिविर में बताया गया कि क्षेत्र में 200 यूनिट खपत वाले 276 उपभोक्ता हैं, लेकिन केवल 3 उपभोक्ताओं ने ही योजना का लाभ उठाया है। जानकारी के अभाव को इसका मुख्य कारण बताया गया।

कुसुम योजना और अस्थाई कनेक्शन

प्रधानमंत्री कृषि सोलर मित्र योजना (कुसुम-बी) के तहत क्षेत्र में 882 अस्थाई कनेक्शन हैं, जिनमें से केवल 23 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। उपस्थित किसानों ने कहा कि जानकारी के अभाव में वे वंचित रह गए, अब वे योजना का लाभ लेने आगे आएंगे।

आरडीएसएस योजना के तहत जारी कार्य

शिविर में बताया गया कि डोंगरमाली क्षेत्र में विकास के लिए नए उपकेंद्र, दो पावर ट्रांसफॉर्मर, 33 केवी लाइन, फीडर सेपरेशन, केबलीकरण एवं सुधार कार्य जारी हैं।
इन कार्यों पर लगभग 35 करोड़ 80 लाख रुपए की राशि व्यय की जा रही है।
इसके अलावा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति हेतु 2 करोड़ 81 लाख रुपए की लागत से नए डीटीआर लगाए जा रहे हैं।

एक्सीडेंट पॉइंट्स में सुधार

क्षेत्र में चिन्हित 39 एक्सीडेंट पॉइंट्स में से 29 में सुधार कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
किसानों से अपील की गई कि कृषि फीडर पर शासन के निर्देशानुसार 10 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाएगी, इसलिए धान के स्थान पर अन्य फसलें लगाकर जल संरक्षण व बेहतर उत्पादकता को बढ़ावा दें।

यह भी पढेंः- उर्वरक और कीटनाशक पर जीएसटी दर कम करने पीएम ने पत्र पर लिया संज्ञान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *