हलधर किसान श्रीकृष्ण दुबे इंदौर। जिला पंचायत के सभागृह इंदौर में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम की बैठक आहुत की गई। उपसंचालक उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ ने की। मुख्य अतिथि कृषि स्थाई समिति अध्यक्ष दिनेश कंचन सिंह चौहान थे। बैठक में नोडल एजेंसी नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड भोपाल श्रीमती यशोदा एवं संयुक्त संचालक उद्यान इंदौर दयाराम जाटव कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य बागवानी उत्पादों के उत्पादन, गुणवत्ता, मूल्य संवर्धन एवं विपणन को प्रोत्साहित कर किसानों की आय में वृद्धि करना है।

इसके अंतर्गत मल्टी.कमोडिटी हाई.वैल्यू क्लस्टर एवं पैरी अर्बन क्लस्टर की पहचान एवं विकास किए जाने का प्रावधानिक किया गया है। योजनान्तर्गत मुख्य उद्यानिकी फसलों जैसे.टमाटर, प्याज, आलु, संतरे की फसलें एवं पत्तागोभी, फूलगोभी, भिण्डी, बैंगन, केप्सीकम, ककड़ी, कद्दूवर्गीय फसलें, धनिया, नींबू, अदरक, हरि मिर्च, लहसुन इत्यादि को चयनित किया गया है।
योजना अंतर्गत क्लस्टर निर्माण की कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करने के लिए पात्र उत्पादक संगठनों एफपीओ के साथ उनके संघ, सहकारी समितियां, पार्टनरशिप फर्म संगठन आदि संस्थाएं पात्र होंगे, जिनका फर्म गेट मूल्य 100 करोड़ तक होना चाहिए एवं आवेदक परियोजना लागत का 20 प्रतिशत शेयर स्वयं वहन करने का प्रावधान है।

जागरूक कृषि आदान विक्रेता संघ अध्यक्ष इंदौर के अध्यक्ष कृष्णा दुबे ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि क्लस्टर विकास कार्यक्रम निश्चित किसानों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह पीएम मोदी के किसानों के आय को दोगुना करने के संकल्प को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम है।

जिला पंचायत सीईओ ने सीडीपी अवधारणा के बारे जानकारी दी। संयुक्त संचालक ने बताया कि जिले में सर्वाधिक लगभग 47000 हेक्टेयर में आलू फसल का रकबा है। प्रगतिशील कृषक दिनेश पाटीदार जामली (महू) ने जिले में नवीन तकनीकी आधारित उच्च मूल्यों की खेती के रूप में ड्रैगन फ्रुट, अवोकेडो की सफलतम खेती की जानकारी देते हुए किसानों को इसके लिए प्रेरित किया। अंत में कृषि स्थाई समिति अध्यक्ष चौहान ने इस योजना से जुड़कर कृषकों, कृषक उद्यमियों और एफपीओ को आव्हान किया। बैठक समापन पर आभार उप संचालक उद्यान त्रिलोक वास्कले ने माना।

जिला संवाददाताः- श्रीकृष्ण दुबे इंदौर
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