हलधर किसान।बागवानी में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए भारत सरकार प्रयासरत है. जिसको लेकर केंद्र सरकार इजरायल के साथ काम कर रही है. इसके तहत देश के अंदर इजरायल तकनीक से सब्जी व फल उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना को मूर्त रूप दिया जा रहा है.इंडो-इजरायल एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट के तहत देश में स्थापित किए फल-सब्जी उत्कृष्टता केंद्रों की बीते दिनों कृषि व किसान कल्याण विभाग की तरफ से समीक्षा की गई. इस दौरान कृषि व किसान कल्याण विभाग के अपर सचिव डॉ अभिलक्ष लिखी ने तमिलनाडुु में स्थापित केंद्र का मुआयना किया.
केंद्र सरकार (Central Government) की तरफ से अभी तक देश में 37 सब्जी व फल उत्कृष्टता केंद्रों को मंजूरी दी जा चुकी है. जिसमें से 29 सब्जी व फल उत्कृष्टता केंद्र देशभर में काम कर रहे हैं, जो किसानों को विभिन्न तरह की सब्जियों व फलों का उत्पादन कम लागत में करने की तकनीक के बारे में बता रहे हैं. जबकि इसी कड़ी में अब आठ नए सब्जी व फल उत्कृष्टता केंद्र देशभर में स्थापित किए जाने हैं. जो विभिन्न चरणों में शुरू हाेंगे. यह जानकारी कृषि व किसान कल्याण विभाग के अपर सचिव डॉ अभिलक्ष लिखी ने इन केंद्रों की समीक्षा के दौरान दी है.
12 राज्यों में काम कर रहे हैं 29 उत्कृष्टता केंद्र
इंडो-इजरायल एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट के तहत देश में स्थापित किए फल-सब्जी उत्कृष्टता केंद्रों की बीते दिनों कृषि व किसान कल्याण विभाग की तरफ से समीक्षा की गई. जिसके तहत विभाग के अपर सचिव डॉ अभिलक्ष लिखी ने तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले के रेड्डियारछत्रम गांव में स्थापित सब्जी उत्कृष्टता केंद्र का मुआयना किया. इस दौरान उन्होंने बताया कि देश में अब तक कुल 37 उत्कृष्टता केंद्रों (सीओई) को मंजूरी दी जा चुकी है. इनमें से 12 राज्यों में 29 उत्कृष्टता केंद्र पूरी तरह से चालू हैं. जबकि आठ सीओई पूरा होने के विभिन्न चरणों में हैं. उन्होंने बताया कि29 सीओई हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, मिजोरम और आंध्र प्रदेश राज्यों में काम कर रहे हैं, जो बागवानी फसलों पर ध्यान केंद्रित करते हैं.
