पुणे के किसान ने डिजिटल प्लेटफार्म को बनाया आय का साधन
हलधर किसान। आज कल डिजिटल का जमाना है। बहुत से लोग ऑनलाइन प्लेटफार्म वसे जहां खरीदी कर रहे है वही कई लोगो के लिये यह प्लेटफार्म आय का साधन बन गया है।
ऐसे में पुणे के एक किसान ने ऑनलाइन का भरपूर फायदा उठाया। किसान को अपनी फसल बेचने के लिए मंडी का रूख करना पड़ता था । इस बार घर बैठे ही अपनी फसल बेच दी। पुणे के इंदापुर के रहने वाले किसान महादेव बराल ने कमाल कर दिया। उन्होंने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों रुपये की जामुन की बिक्री की है। महादेव ने 3 टन से ज्यादा जामुन बेचे हैं।
जामुन बिकने के बाद से ये किसान अब इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। किसान ने जामुन के सीजन का भरपूर फायदा उठाया है। गांवों में भले ही जामुन को कोई नहीं पूछे, लेकिन शहरों में इसका रेट 200 रुपये किलो तक पहुंच गया है। पुणे के किसान को इस रेट का पूरा फायदा मिला है।
पुणे जिले के इंदापुर तालुका के कचरवाड़ी के महादेव बराल और उनके दो पढ़े-लिखे बेटों ने यह कमाल कर दिखाया है. बराल परिवार का खेत पथरीली जमीन पर है. पहले वे इस जमीन पर अनार की खेती करते थे. लेकिन कुछ साल पहले ओलावृष्टि में कई बगीचे नष्ट हो गए थे. इसी बीच बराल का बगीचा नष्ट हो गया. इससे उबरकर वे कोंकण की किसान यात्रा पर गए और वहां से प्रेरणा लेकर ढाई एकड़ में जामुन का बगीचा लगाया.
प्रति एकड़ 10 लाख की कमाई
जामुन की खेती पथरीली मिट्टी पर फलती-फूलती है. चूंकि यह एक जंगली फसल है, इसलिए बीमारियां कम होती हैं और इस पर बहुत कम मात्रा में छिड़काव करने की आवश्यकता होती है. पांच साल बाद जांभल यानी कि जामुन का वास्तविक उत्पादन शुरू हुआ. शुरुआत में उन्होंने जामुन को पुणे, मुंबई और सोलापुर में बेचा, जिससे उन्हें 120 से 140 रुपये तक प्रति किलो दाम मिला. इस तरह उन्हें प्रति एकड़ आठ से 10 लाख रुपये का उत्पादन मिला. हाल के समय में सोशल मीडिया का उपयोग काफी हद तक बढ़ गया है. इसी का फायदा उठाते हुए उनके बेटे अविनाश बराल और अमर बराल, जो कि उच्च शिक्षित हैं, ने अमेज़ॉन जैसी बड़ी कंपनी के साथ समझौता कर ऑनलाइन मार्केटिंग के माध्यम से जामुन की बिक्री शुरू कर दी. अमेज़ॉन पर इन्हें जामुन का रेट 200 से 280 रुपये प्रति किलो मिल रहा है. वहीं, अच्छे मॉल्स में भी इनका जामुन बेचा जा रहा है. वहीं जामुन की कुछ मात्रा पुणे, सोलापुर और मुंबई के बाजारों में भी जा रही है.
