हलधर किसान इंदौर। बीज कानून को लेकर हरियाणा सरकार ने नीति नियमो में किये बदलाव से व्यापारियों में आक्रोश है। इस नियम से क्या परेशानी होगी और इसका कैसे पालन करना है इसकी जानकारी आज के अंक में हम आप तक पहुचाने जा प्रयास कर रहे है। बीज कानून रत्न से सम्मानित आर बी सिंह द्वारा पहले भी कई गम्भीर मुद्दों पर हलधर किसान के जरिये जानकारियां पहुंचाई है जो कृषि व्यापार संचालन में बेहद फायदेमंद साबित हो रही है।
आइये सिंह साहब की कलम से आज के अंक में
हरियाणा राज्य सरकार द्वारा बीज अधिनियम 1966 की धारा-19 जिसमें दण्ड के प्रावधान है। दिनांक 20.03.2025 को संशोधित कर धारा-19A और जोड़ दी। इसके द्वारा दण्ड के प्रावधान कड़े कर दिए तथा जुर्माना 50 हजार से 5 लाख रुपये तक किया। साथ ही अपराध को संज्ञेय Congnizable तथा Non bailable बना दिया। बीज अधिनियम के उलंघन से बने अपराध को उग्रवादी, आतकंवादी, हत्या करने देशद्रोही जैसे अपराधों के समान रखा है जो सरासर अनुचित तथा सामन्तशाही की याद दिलाता है। इस आई आपदा में बीज उत्पादक एवं बीज विक्रेता का गठबन्धन दरकने न पाये क्योंकि दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। बीज विक्रेता के पटल Counter से लिये गये सैम्पल का असंतोषप्रद परिणाम आने पर सबसे पहले एफ.आई.आर. विक्रेता के नाम होगी और पुलिस विक्रेता को यातनाएं देगी तथा चरित्र हनन करेगी।
उसके साथ ही बीज उत्पादक कम्पनी भी अपराध के घेरे में आयेगी। कुछ बीज विक्रेताओं की दलील कि “हम तो जैसा बीज उत्पादक से लते हैं वैसा ही कृषक को दे देते हैं” दलील सही है परन्तु यह पुलिस में काम नहीं आयेगी बल्कि न्यायालय में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए ठीक है, तब तक पुलिस यातनाएं, उत्पीड़न, चरित्र हनन कर चुकी होगी। इसलिए इस आपदा का सामना मिल कर करें एक-दूसरे को उल्हाने / ताने देने का समय नहीं है। बीज उत्पादकों, बीज विक्रेताओं और कीटनाशी विक्रेता भी साथ मिलकर घोर विरोध कर रहे हैं अपने क्षेत्र के माननीयों को अपनी मिटिंगों में बुलाकर Non bailable & Cognizable offence से अवगत करवा रहे हैं। प्रत्येक जिले की बीज, उर्वरक, कीटनाशी तथा बीज उत्पादक मिलकर विरोध कर रहे हैं। इसी तरह का एक नहीं कई महा अधिवेशन करने पड़े तो उनका भी प्रबन्ध करें। बीज उत्पादकों के कुछ आपसी मन-मुटाव के WhatsApp समाचार आ रहे हैं, इन्हें तुरन्त भुल जाओ।
1– मुझे उत्तर प्रदेश के अखिल भारतीय कृषि आदान विक्रेता संघ के उप-राज्य अध्यक्ष सुरेश वर्मा कन्नोज ने कहा कि प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश के व्यापारी हरियाणा में आकर प्रदर्शन को तैयार हैं। मेरा तो ऐसा मानना है कि हरियाणा के साथ लगते प्रदेश राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्म कश्मीर, मध्य प्रदेश, गुजरात के व्यापारियों को इस आपदा का सामना करने में सहयोग करें, साथ रहें, मनोबल बढ़ाएं और अपने राज्यों में हरियाणा के व्यापारियों के समर्थन में बन्द, प्रदर्शन कर समर्थन करें क्योंकि यह गैंगरीन की बीमारी आप के राज्यों में भी जल्दी ही फैल जायेगी। अगर आप हरियाणा के व्यापारियों / उत्पादकों का अब साथ नहीं दोगे तो कल आपकी बारी है और नवाज देववन्दी की पंक्तियाँ सार्थक हो जायेगी:-
“जलते घर को देखने वालों फूस का छप्पर आपका है आग के पीछे तेज हवा है आगे मुकद्दर आपका है। और उसके कत्ल में मैं भी चुप थ मेरा नम्बर अब आया मेरे कत्ल पर आप भी चुप हैं अगला नम्बर आपका है”
बीज व्यापार राज्य तक सीमित नहीं रखा जा सकता यह अन्तर्राज्यीय व्यवसाय है अतः हरियाणा में इस जलजले के कुछ झटके पड़ोसी राज्यों को भी लगेंगे।
संघे शक्ति कलयुगे
आ०बी० सिंह
बीज कानून रत्न-हिसार मो.नं. 79883-04770
आर०पी० सिंह AG(M) हिसार
वेद नारंग-बालाजी एग्रीकल्चर स्टोर बीज विक्रेता-हिसार।
संकलन सहयोगी-
कृषि आडकन विक्रेता संघ राष्ट्रीय अध्यक्ष मनमोहन कलन्त्री
राष्ट्रीय सचिव प्रवीण भाई पटेल
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल
राष्ट्रीय प्रवक्ता व प्रदेश सचिव संजय रघुवंशी
प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह राजपूत
प्रदेश संगठन मंत्री विनोद जैन
प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णा दुबे ….

