हलधर किसान इंदौर। केंद्र और प्रदेश सरकारे समय समय पर कृषि आदान विक्रय, भंडारण को लेकर नीति- नियम बनाती है। समय जवसाथ परिवर्तन भी जरूरी है ,, लेकिन इन सब मे किसान व्यापार और व्यापारियों की परिस्थितियों को भी समझना होगा। यह बात कृषि आदान विक्रेता संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ओर जागरूक कृषि आदान विक्रेता संघ ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्तमान के दिये जा रहे दिशा- निर्देशों पर अपनी प्रतिक्रिया में कही। श्री दुबे ने कहा कि *देश- प्रदेश के जिले के तहसील के समस्त कृषि आदान व्यापारी बंधु हमें तो यह लग रहा है कि जब से यह मामा श्री चौहान मध्य प्रदेश से केंद्र में गए हैं। दिल्ली मै ज्यादा एक्टिव हो गए हैं। अच्छी बात है, लेकिन किसी भी व्यापार की बिजनेस की उद्योग की तह में जाकर जड़ में जाकर पूर्ण रूप से इसकी तहकीकात करना चाहिए। उसको समझना चाहिए, की कृषि आदान व्यापार किस प्रकार से हो रहा है । कैसे कृषि आदान व्यापारी भाई किसान भाइयों की सेवा कर रहे हैं। किन परिस्थितियों में अपना व्यापार चला रहे हैं। इन सब चीजों का बारीकी से उनका* *निरीक्षण करना चाहिए। अब मान लीजिए यदि कुछ व्यापारी लालची ह, जो पैसे के लालच में कुछ भी कृषि आदान उठाकर किसानों को दे देते हैं। उन चार लोगों का भी व्यापार लंबे समय तक नहीं चलना है। क्योंकि ऊपर वाले के यहां भी देर है अंधेर नहीं है ।
मैं कहना चाह रहा हूं कि उन चार लालची लोगों के पीछे छन्नू लोगों को क्यों परेशान किया जाए। ऐसा हर फील्ड में है हर जगह है। अब राजनीति में ही देख लो कुछ राजनीतिज्ञ भ्रष्टाचार में लिप्त है तो क्या उन कुछ भ्रष्टाचारी राजनितियों के साथ-साथ सारे राजनीतिज्ञों को भी भ्रष्टाचारी कहा जाए। यह तो उचित नहीं है, ठीक यही स्थिति हम कृषि आदान व्यापारियों की भी है अरे हम बरसों से इस व्यापार में किसान भाइयों की सेवा कर रहे हैं और आज देश जिस मुकाम पर पहुंचा है। कृषि उत्पादन में हम लोग अव्वल हैं और साल दर साल जो है कृषि उत्पादन में वृद्धि होती जा रही है।यह ऐसे ही नहीं हो रही की कोई जादू की छड़ी घुमा दी और हो गया। इसमें अच्छे कृषि आदान निर्माण करने वाली कंपनियां,, ईमानदार कृषि आदान व्यापारी इन सभी का सहयोग है। इस प्रकार से हमको बड़ा दुख है* *कि सीजन के समय जब हमारा खरीफ का सीजन चल रहा है। इसके बाद रवि का सीजन आएगा। हर व्यापारी भाई अपनी क्षमता के अनुसार कृषि आदान स्टॉक करके रखता है। ऐसे समय इस प्रकार की बातें पैदा करके और किसान भाइयों के दिमाग में इस प्रकार की बातें भर के यह जो वर्तमान में वातावरण चल रहा है। यह उचित नहीं है। छोटे से छोटे व्यापारी ने अपनी क्षमता के अनुसार कृषि आदान खरीद कर रखा है। करोड़ों* *रुपए का माल जो है कृषि आदान व्यापारियों के गोदाम में है। सीजन के समय इस प्रकार की बातें नकली अमानक और यह जो उठ रही है पैदा हो रही है। यह उचित नहीं है। हमको तो ऐसा प्रतीत होता है की कृषि मंत्री अपनी साख को और ज्यादा उज्जवल करने के लिए इस प्रकार के बयान जो है, इस प्रकार के वीडियो जो है कार्यक्रम आयोजित करके कर रहे हैं। ठीक बात है *जागरूक करना अच्छी बात है और कुछ गलत हो रहा है उसके ऊपर अंकुश लगाना भी अच्छी बात है।। लेकिन वर्तमान स्थिति में करोड़ों रुपए का माल कृषि आदान व्यापारियों के गोदाम में है वह रखा रह जाएगा एक्सपायर हो जाएगा खराब हो जाएगा तो क्या सरकार उसका मुआवजा हम कृषि आदान व्यापारियों को कृषि आदान उत्पादन करने वाले कंपनियों को देगी कृषि मंत्री महोदय को करना यह था कि इस प्रकार के कृषि आदान निर्माण करने वाली कंपनियों को और जो विक्रय कर रहे हैं कृषि आदान व्यापारी उनको यह सीजन पूर्ण होने के बाद अगले तीन महा या चार माह का समय देना था अवधि देना थी कि आने वाले इन तीन से चार महीना में आप अपना जो भी माल पाइपलाइन में है स्टॉक में है उसको आप विक्रय कर लीजिए इसके बाद जो है यह नया एक्ट कानून लागू हो जाएगा होना यह चाहिए था जो कि नहीं हो रहा है इसका जवाब में आदरणीय केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह जी चौहान से मांगता हूं आप सुधार कीजिए जहां गलत हो वहां दंड भी दीजिए लेकिन उसकी सजा पूरे कृषि आदान व्यापार को देना उचित नहीं है ऑल इंडिया एग्री इनपुट डीलर एसोसिएशन नई दिल्ली मध्य प्रदेश कृषि आदान विक्रेता संघ भोपाल और प्रदेश के समस्त जिलों के पदाधिकारी इसका विरोध करते हैं पानी सही ढंग से गिर नहीं रहा है किसान और कृषि आदान व्यापारी दोनों परेशान हो रहे है ऐसी स्थिति में यह सरकारी फरमान जारी करना उचित नहीं हैआप तरीके से जो भी कार्रवाई करें यह सीजन सामने है इसको संपन्न होने के बाद आप कीजिए।
एकजुटता दिखाए व्यापारी
संजय रघुवंशी राष्ट्रीय प्रवक्ता व प्रदेश सचिव मध्य प्रदेश कृषि आदान विक्रेता संघ भोपाल,, श्री कृष्णा दुबे जागरूक कृषि आदान विक्रेता संघ जिला इंदौर* ने अपील की है कि* *व्यापारी साथियों अब समय आ गया है हमको अपनी एकता का प्रदर्शन दिखाने का शक्ति प्रदर्शन करने का समय आ गया है क्योंकि जब किसी व्यापारी की दाल रोटी पर आ जाती है तो उसको सड़क पर उतर के आंदोलन करना ही पड़ता है आप सभी तैयार रहें हर परिस्थिति से मुकाबला करने के लिए हमारे राष्ट्रीय संगठन के सभी सम्माननीय पदाधिकारी प्रदेश संगठन के सभी सम्मानित* *पदाधिकारी जिला संगठन के सभी सम्माननीय पदाधिकारी पूरे जोश के साथ में आपके साथ खड़े हैं जिस प्रकार से हमको केंद्रीय मंत्री के द्वारा अपमानित जलील किया जा रहा है वह अब हम सहन नहीं करेंगे हम सम्माननीय लोग हैं और सम्मान पूर्वक अपना व्यापार करेंगे हम किसी की जेब नहीं काट रहे किसी को लूट नहीं रहे किसी की जेब से पैसा नहीं निकाल रहे हम अपना कर्म कर रहे हैं व्यापारी भाई संघर्ष करो सब आपके साथ हैं श्री कृष्णा दुबे उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश कृषि आदान विक्रेता संघ भोपाल जिला अध्यक्ष जागरूक कृषि आदान विक्रेता संघ इंदौर*

*पूरे देश को फिर से एकत्रित होना होगा तभी इन समस्याओं का हल निकल सकेगा- राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कलन्त्री
साथियों , जैसा की पिछले कोई दिनों से देश में खाद बीज एवं कीटनाशक को नकली एवं घाटिया बताकर कृषि आदान व्यापर के बारे में जिस प्रकार से माननीय कृषि मंत्री महोदय द्वारा बार-बार कहा जा रहा है कि घटिया नकली बीजों एवं दवाइयां के विरुद्ध जल्दी नया सीड एक्ट एवं पेस्टिसाइड मैनेजमेंट बिल लाया जाएगा ।
तो ऐसी स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार द्वारा जल्द ही नया सीड एक्ट और पेस्टिसाइड एक्ट संसद में पेश किया जा सकता है ।
उन दोनों एक्ट में कुछ ऐसे प्रावधान भी किया जा रहे हैं कि व्यापार करना मुश्किल हो सकता है।
ऐसा लगता है कि जल्द ही पूरे देश में व्यापारियों को एक होकर कोई बड़ा आंदोलन करना होगा, और उसके लिए प्रदेश के व्यापारियों को ठीक उसी प्रकार से एकत्रित होकर अपनी ताकत दिखानी होगी जिस प्रकार से 2016 में हमारे द्वारा केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए डिग्री बीएससी की डिग्री को अनिवार्य किया गया था और सिर्फ 2 साल का समय दिया गया था ।
लेकिन आल इंडिया संगठन की ओर से केंद्र सरकार को वास्तविकता से अवगत कराया गया तो उसे लगातार 7 साल तक आगे बढ़ाया गया और मात्र 12 सप्ताह के सर्टिफिकेट कोर्स पर समाप्त किया गया था।
इस समय फिर से भारत सरकार के द्वारा पेश किया वाले नियमों के विरुद्ध एकत्र होना पड़ेगा अतः में पूरे देश के कृषि व्यापारियों को राज्यों में संगठन को सक्रिय करना होगा तथा प्रत्येक जिले में संगठन को सक्रिय करके ऑल इंडिया संगठन के बैनर तले भविष्य में केंद्र सरकार को फिर से इनकी वास्तविकता से अवगत कराना होगा।
अतः सभी साथी अपने राज्य में संगठन को सक्रिय करें एवं भविष्य में इंडिया संगठन के निर्देशों का इंतजार करें।
जल्द ही संगठन द्वारा दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों एवं कृषि मंत्री महोदय से मिलकर इस बात की कोशिश की जावेगी की इन एक्ट में से डीलरों को छूट प्रदान की जावे क्योंकि कोई भी कृषि व्यापारी किसी भी प्रकार के उत्पादन को नहीं बनाता है और ऐसे में उसमें किसी प्रकार की कमी की जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ निर्माता कंपनी की होनी चाहिए ना कि विक्रेताओं पर।
मैं उम्मीद करता हूं कि आप भविष्य में आल इंडिया संगठन द्वारा किए जाने वाला आव्हान को अपने राज्यों में लागू करेंगे लेकिन इसके लिए कुछ समय का इंतजार करना होगा।

मनमोहन कलन्त्री (राष्ट्रीय अध्यक्ष), प्रवीण भाई पटेल (महासचिव)
यह भी पढेंः- खुले बाजार में सस्ता गेहूं-चावल बेचने की तैयारी, भारत ब्रांड से सस्ते दरों पर मिलेगा आटा-चावल
