हलधर किसान (धर्म)। गणेश चतुर्थी पर शहर सहित समूचा अंचल गणेशमय हो जाएगा।आज बुधवार को गाजे-बाजे के साथ बाप्पा घर, प्रतिष्ठान और पांडालों में विराजमान होंगे। इसी के साथ आगामी 10 दिनों तक गणेशोत्सव की धूम शुरु हो जाएगी। शहर में बाप्पा की आगवानी को लेकर भक्तों में अपार उत्साह देखा जा रहा है। 50 से अधिक स्थानों पर छोटे- बड़े पांडाल सजाए गए है।
गणेशोत्सव में कुंदा तट स्थित श्री सिद्धी विनायक मंदिर जहां आस्था का केंद्र होता है तो वही ज्योति नगर का पांडाल में होने वाले धार्मिक आयोजन ओर बाप्पा की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र होती है। ज्योतिनगर में विशाल पांडाल सजाया गया है, जिसमें बाप्पा की विशाल प्रतिमा स्थापित कि जाएगी।
गणेशोत्सव को लेकर युवाओं में उत्साह देखते ही बन रहा है। बच्चों और युवाओं की टोलियां पांडाल की सजावट को अंतिम रुप देने में जुटे है। बाजार में प्रतिमाओं के लिए भी जगह-जगह दुकानें सजाई गई है।
इस वर्ष पीओपी से बनी प्रतिमाओं के बजाय मिट्टी की प्रतिमाएं ज्यादा पसंद की जा रही है। गणेश पर्व पर घर.घर भगवान की स्थापना की जाती है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. सुदीप जैन (सोनी) ,अजमेर ने बताया कि इस साल गणेश चतुर्थी पर दुर्लभ शुभ और शुक्ल योग का निर्माण हो रहा है। इसके बाद सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग है। वहीं गणेश चतुर्थी तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण सुबह 06.04 मिनट पर होगा, जबकि भद्रावास योग का समापन दोपहर 03.44 मिनट पर होगा।
इसी के साथ चतुर्थी तिथि का समापन होगा। वैदिक पंचांग के अनुसार सुबह 11.06 बजे से दोपहर 1.40 बजे तक का समय गणेश पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ रहेगा। हालांकि दोपहर 12.22 बजे से राहुकाल लगने की वजह से भक्तों को इससे पहले ही गणपति को घर में स्थापित करने की सलाह दी जा रही है। वहीं 27 अगस्त को शुभ चौघडिय़ा मुहूर्त सुबह 10.46 से दोपहर 12.22 के बीच है। अमृत काल मुहूर्त सुबह 07.33 से सुबह 9.09 के बीच रहेगा। इस समय में पूजा करने से गणपति बप्पा की कृपा अधिक प्रबल होती है और व्रत तथा अनुष्ठान फलदायी माने जाते हैं। पंचांग के अनुसार गणेश विसर्जन 6 सितंबर को किया जाएगा।

ज्योतिषाचार्य सुदीप सोनी (जैन)
