कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को सौंपा 6 सुत्री सुझाव पत्र
हलधर किसान इंदौर। कृषि व्यापारियों के माध्यम से किसानों तक पहुंचने वाले बीजों की गुणवत्ता एवं मांग पर निगरानी रखने के लिए भारत सरकार ने साथी पोर्टल एप तैयार की है। कृषि व्यापारियों को इस एप के माध्यम से खरीदी- बिक्री का डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए है, इसके लिए प्रशिक्षण भी दिए जा रहे है।
देशभर में एप्प के माध्यम से बीज खरीदी- बिक्री डाटा रखे जाने के निर्देशों के बाद इसमें सुधार की मांग भी उठने लगी है।
कृषि व्यापारियों के राष्ट्रीय संगठन कृषि आदान विक्रेता संघ राष्ट्रीय अध्यक्ष मनमोहन कलंत्री ने असिसटेंट डायरेक्टर एवं कॉ-ऑर्डिनेटर साथी एप आईएएस अधिकारी पारुल जैन से मुलाकात कर एप्प में आ रही तकनिकी खामियों, विसंगतियों पर चर्चा की। श्री कलंत्री ने मुलाकात के दौरान एप्प में 6 बिंदूओं पर सुधार करने का सुझाव पत्र भी सौंपा है।
श्री कलंत्री ने बताया कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्रालय कृषि भवन में आईएएस जैन से मुलाकात के दौरान उन्हें बताया कि देशभर के व्यापारी एप्प में आ रही तकनिकी खामियों, विसंगतियों से परेशान है। इससे व्यापार में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने बीज की निगरानी एवं उचित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए साथी पोर्टल एप तैयार किया है। इस एप के माध्यम से सरकार ने सरकारी बीज उत्पादक एजेंसी एवं निजी कंपनियों द्वारा तैयार किए गए प्रमाणित बीज के वितरण की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने की योजना बनाई है। बीज उत्पादन एजेंसी द्वारा विक्रेताओं को एप के माध्यम से ही बीज उपलब्ध करवाया जाएगा।

कृषि आदान विक्रेता संघ जिलाध्यक्ष इंदौर श्रीकृष्ण दुबे ने बताया कि न तो व्यापारी न ही कृषि आदान विक्रेता संघ को एप इस्तेमाल पर कोई आपत्ति नही है, लेकिन इसमें सुधार की आवश्यकता है। यह छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए सिरदर्द के समान है। कंपनी और डिस्ट्रीब्यूटर तक इस एप को सीमित रखा जाना चाहिए। यही हमारी मांग है।
इन बिंदूओं का करें बदलाव
- फेस वन में सिर्फ बीज उत्पादक कंपनी डिस्ट्रीब्यूटर तक इसके निगरानी रखी जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए, खुदरा विक्रेता को साथी एप्प कि अनिवार्यता नही होनी चाहिए।
- साथी एप्प में टेग नंबर का कॉलम हटाकार केवल लॉट नंबर का कॉलम ही रखा जाये और एप्प का पुरा इस्तेमाल लॉट नंबर द्वारा ही होना चाहिये।
- कॉटन सीड एवं अन्य सीड के लिए अलग.अलग आईडी बताई जा रही है, जबकि सभी बीजों के लिए एक ही आईडी में सम्मिलित किया जाना चाहिए।
- किसानों को बीज के बेग पर दिया हुआ क्यूआर कोड से बीज कि गुणवत्ता का पता चल जाना चाहिये, इस से खुदरा विक्रेता पर खराब बीज कि शिकायत का बोझ कम हो जाएगा और उस पर होने वाली कार्रवाई भी कम होगी।
- इस ऐप के बारे में जानकारी देने के लिए राज्य सरकारों की मीटिंग में चल रही है, लेकिन हमारे संगठन के प्रतिनिधियों को शामिल नहीं किया जा रहा है। अत: सभी राज्य सरकारों को निर्देशित करें कि वह प्रदेश संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों को मीटिंग में आमंत्रित कर संपूर्ण विस्तार जानकारी देेंं।
- सैंपल फेल होने पर लायबिलिटी सिर्फ उत्पादक कंपनी पर ही होनी चाहिए।
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