दुग्ध संमृद्धि अभियान का द्वितीय चरण शुरू – 11,159 पशुपालकों से घर-घर संपर्क, बालाघाट में डेयरी विकास को नई गति

Second phase of Dugdh Samriddhi Abhiyan begins – door to door contact with 11159 cattle rearers

हलधर किसान दिल्ली l  किसानों की आय वृद्धि और दुग्ध उत्पादन में सतत सुधार को लेकर मध्यप्रदेश शासन लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित “दुग्ध संमृद्धि अभियान” का द्वितीय चरण अब और अधिक सशक्त स्वरूप के साथ प्रारम्भ हो गया है। प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर दुग्ध उत्पादन के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के उद्देश्य से यह अभियान बालाघाट जिले में बड़े पैमाने पर क्रियान्वित किया जा रहा है, जहाँ 11 हजार 159 पशुपालकों से उनके घर पहुँचकर सीधा संवाद किया जाएगा।

घर-घर पहुँचकर मिलेगी सही जानकारी, सही तकनीक – 11,159 पशुपालक होंगे लाभान्वित

अभियान के द्वितीय चरण में विभागीय टीम 5 से 9 दुधारू पशु रखने वाले पशुपालकों तक 5 दिसंबर तक पहुँचकर उनसे विस्तृत चर्चा करेगी। यह सीधा संवाद अभियान की सबसे बड़ी विशेषता है, जिसके माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक तकनीक, आधुनिक प्रबंधन प्रणाली और वैज्ञानिक जानकारी सीधे किसानों के हाथों तक पहुँचेगी।

इस दौरान पशुपालकों को—

  • नस्ल सुधार,
  • संतुलित एवं वैज्ञानिक पोषण प्रबंधन,
  • पशु स्वास्थ्य और टीकाकरण,
  • डेयरी को व्यवसायिक रूप से लाभदायक बनाने के उपाय,
  • दुग्ध गुणवत्ता बढ़ाने और लागत नियंत्रण के तरीके
    जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रत्यक्ष रूप से प्रदान की जाएँगी।

अभियान का यह चरण दिसंबर माह में विशेष रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है ताकि दुग्ध उत्पादन के प्रमुख मौसम में किसानों को तुरंत लाभ मिल सके और उनकी आय में प्रत्यक्ष वृद्धि सुनिश्चित हो।

विशेष प्रशिक्षण – मजबूत होगी विभागीय कार्यशैली

कलेक्टर श्री मृणाल मीना के निर्देशन में जिला एवं विकासखंड स्तर पर राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा 26 नवंबर से मल्टीमॉडल प्रशिक्षण शुरू हो चुका है, जो 5 दिसंबर 2025 तक चलेगा।

इस प्रशिक्षण में शामिल हैं—

  • पशु चिकित्सक
  • सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी
  • गौसेवक
  • मैत्री कार्यकर्ता
  • पशु सखी
  • दुग्ध संघ के कार्मिक

इन सभी को व्यावहारिक उदाहरणों और आधुनिक तकनीक के माध्यम से अभियान संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सटीक और उपयोगी मार्गदर्शन दे सकें।

250 प्रशिक्षित कार्यकर्ता – अभियान को देंगे मजबूती

उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएँ डॉ. एन. डी. पुरी ने बताया कि अभियान के इस चरण में लगभग 250 प्रशिक्षित कार्यकर्ता जिले के 11,159 लक्षित पशुपालकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे।

ये कार्यकर्ता किसानों को बताएंगे कि—

  • बेहतर दुग्ध उत्पादन के लिए कौन-सी नस्ल अधिक उपयुक्त है,
  • दुधारू पशुओं के लिए संतुलित आहार कैसे तय करें,
  • स्वास्थ्य प्रबंधन से उत्पादन क्षमता कैसे बढ़ती है,
  • लक्षणों से बीमारी की पहचान और उपचार कैसे करें,
  • डेयरी को पारिवारिक व्यवसाय से आगे बढ़ाकर कैसे व्यावसायिक स्तर पर स्थापित किया जाए।

जिले में डेयरी व्यवसाय को नई दिशा

यह अभियान बालाघाट जिले में डेयरी क्षेत्र को अधिक सशक्त, वैज्ञानिक और लाभकारी मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कृषि आधारित आजीविका के साथ पशुपालन को जोड़ने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है, और “दुग्ध संमृद्धि अभियान” इसी लक्ष्य की दिशा में सार्थक प्रयास साबित होगा।

हलधर किसान का विश्लेषण

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन रीढ़ की भूमिका निभाता है। ऐसे में सरकार द्वारा घर-घर पहुँचकर जानकारी देना, तकनीक का प्रसार करना और प्रशिक्षित अमले के माध्यम से किसानों को मार्गदर्शन देना निश्चित रूप से दुग्ध उत्पादन और किसानों की आय वृद्धि में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है।
यह अभियान न केवल डेयरी से जुड़ी चुनौतियों को कम करेगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए भी नए रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा करेगा।

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