हलधर किसान इन्दौर/ भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आज मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक खेतों में फसलों की स्थिति को दर्शाती तख्तियां लेकर सदन पहुंचे। वहीं प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही चक्कर आ गया और वे बेहोश हो गए। इसके चलते कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। कृषि मंत्री बेहोश स्थगित करना पड़ी सदन की कार्रवाई आनन-फानन में डॉक्टरों को बुलाया गया।

सीएम डॉ. मोहन यादव सदन में प्रवेश कर रहे थे तभी उन्होंने देखा कि कंसाना बेहोश होकर गिर गए। सीएम तुरंत कंसाना के पास गए। इसके बाद विस अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और बाकी विधायक भी पहुंचे। इधर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- प्रदेश का किसान कभी खाद के लिए, कभी खरीदी के उचित मूल्य के लिए, और कभी मुआवजे के लिए दर-दर भटक रहा है। मुरैना से कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर ने कहा- सरकार ने किसानों का कर्जा माफ नहीं किया, बिजली नहीं दी, 1 रुपए का कर्जा माफ नहीं किया, फसलों के दाम नहीं मिले। फसल बीमा के नाम पर दो सौ चार सो रुपए दिए जाते हैं, ये मध्य प्रदेश का दुर्भाग्य है। वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि दो हजार 68 करोड़ राहत राशि के रूप में किसानों को सरकार ने दिया है।
विधानसभा की कार्रवाई दोबारा शुरू हुई तो भाजपा विधायक नीना वर्मा ने सिटीजन संशोधन एक्ट के अंतर्गत अपने पति विक्रम वर्मा और कार्यकर्ताओं के खिलाफ 2019 में दर्ज किए गए मामले को वापस लेने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 82 साल की उम्र में कोर्ट जाना पड़ रहा है। इस मामले में पहले भी सवाल कर चुकी हैं। इस पर मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि इस मामले में कोर्ट में केस जाने पर ही वापस लिया जा सकता है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसे मामलों में निर्णय लिया जाना चाहिए। पहले भी यह मामला आ चुका है। अध्यक्ष में इस मामले में जल्दी फैसला करने को कहा।
