मां की बगिया में छोटी सी जगह पर लहलहाई 115 फलदार पौधों की रोपणी

A small space in Mothers garden yielded 115 fruitful company dolls. The Registrar of Builders planted trees to oversee the inspection work

कलेक्टर मित्तल ने किया निरीक्षण कार्य की सराहना कर पौधारोपण किया

खरगोन। मां की बगिया मनरेगा योजना अंतर्गत कैसे छोटी सी जगह पर फलदार और वनस्पति की खेती से जीविका चलाई जा सकती है। यह झिरन्या जनपद के ग्राम पंचायत पखालिया के करानिया की किरण पति अश्विन जायसवाल ने कर दिखाया है। अपने घर के पीछे ही एक छोटे से भू -भाग पर किरण ने 115 फलदार और वनस्पति पौधों की बगिया इस तरह से तैयार की है कि उसे कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल खुद देखने पहुंची। मां की बगिया में निरीक्षण के दौरान रखरखाव देख सराहना करते हुए पौधारोपण भी किया।

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उन्होंने कहा कि अन्य ग्रामीणों को भी इसी तरह जुड़ते हुए इस तरह भी आमदनी के सोर्सेस बनाना चाहिए। यह प्रकृति के साथ आपको रोजगार से भी जोड़ेगी। एक सफल बगिया के रूप में मां की बगिया मनरेगा योजना के तहत यह किरण जायसवाल ने कर दिखाया। उसे इस कार्य में जनपद सीईओ महेंद्र कुमार श्रीवास्तव, संत समाजसेवी एवं परिवार के सदस्य अरविंद जायसवाल ने भी प्रोत्साहित एवं मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर कलेक्टर सुश्री भाव्या मित्तल ने ग्राम की 50 से अधिक महिलाओं को भी इसी तरह मां की बगिया योजना से अपनी छोटी सी जगह पर रोपणी तैयार करने के लिए प्रेरित किया। इस सक्सेस पर हितग्राही किरण ने सरकार की इस योजना को संबल देने वाली योजना बताया। इसने न सिर्फ कार्य दिया साथ प्रकृति से भी जोड़ा।

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मां की बगिया में हितग्राही श्रीमती किरण ने 115 फलदार पौधों में आम की 12 प्रजाति देशी, केशर, हापुष, दशहरी, आम्रपाली, चौसा आदि के साथ नासपती, चीकू, संतरा, पायनापल, जाम, नींबू, अंगूर आदि लगभग के लगाए तीन दर्जन से अधिक फलदार पौधों के तीन- तीन पौधे लगाए। उन्हें पेड़ बनाने में पूरी ताकत झोंक दी है। यह पौधे अब पेड़ रूप लेने लगे है। हितग्राही श्रीमती किरण बताती है वृक्षारोपण की प्रेरणा आचार्य संदीप उपमन्यु श्री रेवा करुणा धाम आश्रम करौली के द्वारा मिली। उन्हीं के मार्गदर्शन में मां की बगिया के तहत योजना से जुड़ कर यह कार्य शुरू किया।

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