केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिला ऑल इंडिया एग्रो इनपुट डीलर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल

A delegation of All India Agro Input Dealers Association met Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan

पेस्टिसाइड मैनेजमेंट बिल व नए सीड एक्ट पर रखी आपत्तियां, डीलरों के हितों की सुरक्षा की मांग

हलधर किसान, नई दिल्ली।
देशभर के कृषि आदान विक्रेताओं के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया एग्रो इनपुट डीलर एसोसिएशन (AIADA) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पेस्टिसाइड मैनेजमेंट बिल तथा प्रस्तावित नए सीड एक्ट में शामिल कई प्रावधानों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए डीलरों और किसानों दोनों के हितों की रक्षा की मांग की।

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एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनमोहन कलन्त्री के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि वर्तमान प्रारूप में लाए जा रहे कानूनों से देशभर के लाखों ईमानदार कृषि आदान विक्रेताओं पर अनावश्यक कानूनी और प्रशासनिक बोझ बढ़ेगा। इससे किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान मिलने में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है।

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निर्माता और डीलर को एक ही श्रेणी में रखने पर आपत्ति

प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से सरकार की उस नीति पर आपत्ति जताई, जिसमें निर्माता कंपनियों, आयातकों, वितरकों और खुदरा डीलरों को एक ही श्रेणी में रखकर समान दायित्व तय किए गए हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि डीलर केवल उत्पादों की बिक्री करते हैं, न कि उनका निर्माण या गुणवत्ता नियंत्रण। ऐसे में निर्माता और विक्रेता को एक समान दंड और जिम्मेदारी के दायरे में लाना न्यायसंगत नहीं है।

इस पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में निर्माता, आयातक और खुदरा डीलरों की जिम्मेदारियों को अलग-अलग तय करने का प्रयास किया जाएगा ताकि निर्दोष डीलरों को परेशान न किया जाए।

किसानों और व्यापारियों दोनों के हितों की रक्षा का भरोसा

श्री चौहान ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि एसोसिएशन द्वारा दिए गए सभी सुझावों का गहराई से अध्ययन किया जाएगा और कानून को इस तरह से बनाया जाएगा कि वह किसानों के साथ-साथ व्यापारियों के हितों की भी रक्षा कर सके। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा किसी भी वर्ग को नुकसान पहुंचाने की नहीं है, बल्कि कृषि क्षेत्र को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।

इस बैठक में कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सेक्रेटरी श्री देवेश चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने ज्वाइंट सेक्रेटरी (प्लांट प्रोटेक्शन) श्री मुक्तानंद अग्रवाल से भी चर्चा की। उन्होंने आश्वस्त किया कि पेस्टिसाइड मैनेजमेंट बिल में डीलरों और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।

‘साथी एप’ को लेकर भी उठी आपत्ति

प्रतिनिधिमंडल ने सरकार द्वारा प्रस्तावित ‘साथी एप’ को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। डीलरों ने कहा कि बिना पर्याप्त प्रशिक्षण और तैयारी के इस तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म को अनिवार्य करना व्यावहारिक नहीं होगा। इस पर साथी एप के निदेशक श्री प्रभाकर ने कहा कि यह किसी पर जबरन नहीं थोपा जाएगा और डीलरों को प्रशिक्षण लेने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।

देशभर के पदाधिकारी रहे मौजूद

इस प्रतिनिधिमंडल में मध्य प्रदेश के अध्यक्ष श्री मानसिंह राजपूत, महाराष्ट्र के महासचिव श्री विपिन कासलीवाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री आबा साहेब भोखरे और गंजबसोदा के वरिष्ठ डीलर श्री देवेंद्र वर्मा सहित कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल थे।

एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री संजय रघुवंशी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीकृष्णा दुबे ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि यह बैठक बेहद सकारात्मक रही और सरकार ने संगठन की बातों को गंभीरता से सुना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कानूनों में ऐसे संशोधन होंगे जिससे किसानों और कृषि आदान विक्रेताओं दोनों को लाभ मिलेगा।

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