कृषि आदान विक्रेता संघ ने दर्ज कराया विरोध, प्रदेशभर में बंद रखें प्रतिष्ठान
विभागीय विसंगतियां, खामियां दूर करने एकजुट हुए व्यापारी
हलधर किसान जयपुर। राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के द्वारा गत दिनों नकली खाद फैक्ट्रियों पर की गई छापामार कार्रवाई के बाद जहां इस कार्रवाई की सराहना हो रही थी तो वहीं कृषि मंत्री के श्रीगंगानगर में बीज कंपनियों के गोदामों पर छापे की कार्रवाई का विरोध भी शुरु हो गया है। खाद बीज व्यापारियों ने इसका खुलकर विरोध किया है। कार्रवाई को गलत बताते हुए राजस्थान कृषि आदान विक्रेता संघ ने गुरुवार से हड़ताल का ऐलान कर दिया। इसका प्रदेश में व्यापक असर भी देखने को मिला। प्रदेशभर में खाद बीज की दुकानें नहीं खुली।
राजस्थान एग्रीकल्चर इनपुट डीलर्स एसोसिएशन के जयपुर जिलाध्यक्ष मोहन डागर ने बताया प्रदेशाध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल के प्रदेशव्यापी बंद का समूचे जिले में असर रहा। न खेरची मेें बिक्री हुई न थोक माल का परिवहन हुआ। डागर ने बताया प्रदेश में मंत्री की छापेमार कार्यवाही से व्यापारियों में भय का माहौल बना हुआ है। बिना जांच के ही बीज निर्माताओं को दोषी करार दिया जा रहा है। उर्वरकों के साथ मनमानी पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, एक वर्ष से हम विभित्र पत्रों मीटिंग में यह मुद्दा उठा रहे। लेकिन कृषि विभाग किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं कर रहा है। वहीं, सुपर फॉस्फेट उर्वरक के नमूने निर्माता कारखाने से स्तरीय आते हैं, लेकिन खुदरा विक्रेताओं के यहां नमूने लेने पर अमानक आ जाते हैं। परिणाम स्वरूप हमें मुकदमा व कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ता हैं। इस पर विभाग रोक लगाने पर असमर्थ रहा हैं।
इन विसंगतियों पर लगे रोक
हम बीज निर्माताओं वाले विषय के अतिरिक्त क्या विभाग की अन्य अन्यायपूर्ण कार्यवाई से परेशान व्यथित है या नही? जैसे कि उर्वरक के साथ टेगिंग का विरोध के बावजूद उचित कार्रवाई न करना, वर्षो से बीज लाइसेंस में पीसी जोडऩे की अनिवार्यता को भारी विरोध के बावजूद जारी रखना, पूरे वर्ष किसी न किसी रूप मे सघन जांच अभियान चलाना, राज किसान पोर्टल पर आन लाइन कार्य समय पर नही होना व अधिकारियो द्वारा शीघ्रता से ओके नही करना, सैंपलिग की कार्य प्रणाली अत्यधिक परेशान करने वाली व समय लगने वाली होना इन समस्याओ का भी निदान न होना, अब रायडा द्वारा उपरोक्त समस्याओ का निदान कराने के लिए सभी एकजुट होने का समय है।
अस्तित्व एवं सम्मान का प्रश्न है
पदाधिकारियों ने कहा हम सब ने मिलकर वर्ष 2016 में सारे राज्य ने एकजुट होकर सफल आंदोलन किया था तो अब हम सब मिलकर अन्याय के विरुद्ध खडे क्यो नही हो सकते है। बीज निर्माता भी हमारे व्यवसाय के अभिन्न अंग है। सही बात हो तो हमारी संस्था सभी के साथ है किसी भी गलत, अवैधानिक, अमानक आदान बनाने बेचने वालो के साथ हमारा संगठन बिल्कुल भी नही है।
हम सभी को खरीफ सीजन चालू होने से बिक्री आदि का नुकसान हो रह है व किसानो को भी परेशानी हो रही है, लेकिन व्यापार को बचाने हेतु उपरोक्त कार्य भी बेहद जरूरी है।
राष्ट्रीय संगठन ने भी दिया समर्थन
राजस्थान आदान विक्रेताओं की हड़ताल को राष्ट्रीय संगठन ने भी समर्थन दिया है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मप्र प्रवक्ता संजय रघुवंशी ने कहा कि देश में सोयाबीन एवं अन्य बीजो का उत्पादन करने वाली कंपनियों को सूचित किया जाता है कि राजस्थान में कृषि आदान व्यापारियों के संगठन Óरायड़ाÓ द्वारा विभिन्न मुद्दो को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की गई है, जिसमें वहां किसी भी प्रकार के बीजों के लोडिंग एवं अनलोडिंग पूर्ण रूप से बंद कर दी गई है। ऐसी स्थितियों में मध्य प्रदेश एवं देश की वह बीज उत्पादक कंपनियां जो कि इस समय राजस्थान में सोयाबीन एवं अन्य बीजों को बेचने प्लानिंग में है उनसे निवेदन है कि आगामी कुछ दिनों तक प्रदेश से राजस्थान में किसी प्रकार की गाड़ी का लोडिंग ना करें क्योंकि वहां अनलोडिंग बंद है। यदि किसी प्रकार की जांच में आपकी गाड़ी पकड़ी जाती है तो उसकी जवाबदारी आपकी स्वयं की होगी।
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राजस्थान के कृषि आदान व्यापारियों के संगठन की हड़ताल का प्रदेश संगठन पूर्ण रूप से समर्थन करता है, इसलिए सभी बीज उत्पादक कंपनियों से विनम्र अनुरोध किया जा रहा है कि वह आगामी कुछ दिनों तक बीजों की लोडिंग राजस्थान के लिए न करें। सहयोग- श्रीकृष्णा दुबे, कृषि आदान विक्रेता संघ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जागरुक कृषि आदान विक्रेता संघ जिलाध्यक्ष इंदौर।

