कृषि बजट 2026-27: किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

Agriculture Budget 2026 27 A major step towards prosperity for farmers and a self reliant India

हलधर किसान नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखने वाला ऐतिहासिक बजट” बताया है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में प्रस्तुत 12वां बजट है और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का लगातार नौवीं बार बजट पेश करना देश के लिए गर्व की बात है।

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इस बजट में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखते हुए किसानों की आमदनी बढ़ाने, लागत घटाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। यही कारण है कि इस बार कृषि बजट को बढ़ाकर 1,32,561 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ा उछाल है। यह राशि खेती, अनुसंधान, तकनीक, बागवानी, फाइबर फसलों और औषधीय पौधों जैसे विविध क्षेत्रों को मजबूती देगी।

अनुसंधान और शिक्षा को मिलेगा नया बल

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने बताया कि कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए, विशेष रूप से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) सहित, 9,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे नई किस्मों का विकास, जलवायु-अनुकूल खेती, कीट-रोग प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा। इससे किसान अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और कम लागत में खेती कर सकेंगे।

उर्वरक सब्सिडी से किसानों को बड़ी राहत

खेती की सबसे बड़ी लागत उर्वरक होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसानों के लिए 1,70,944 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य यह है कि किसानों को सस्ती और समय पर खाद उपलब्ध हो, ताकि उत्पादन लागत घटे और मुनाफा बढ़े। यह फैसला खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।

फाइबर फसलों पर फोकस

इस बजट में नेशनल फाइबर स्कीम के तहत सिल्क, वूल और जूट जैसी फसलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे इन फसलों से जुड़े किसानों, बुनकरों और ग्रामीण उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर बनेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

औषधीय पौधों से बढ़ेगी आय

आयुष मंत्रालय के माध्यम से मेडिसिनल प्लांट्स के सर्टिफिकेशन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इससे औषधीय पौधे उगाने वाले किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा और उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

उच्च-मूल्य फसलों को बढ़ावा

सरकार ने परंपरागत फसलों के साथ-साथ नारियल, कोको, काजू और चंदन जैसी उच्च-मूल्य फसलों पर भी खास ध्यान दिया है। नारियल के पुराने बागानों के पुनरुद्धार और नए बाग लगाने के लिए बजट में व्यवस्था की गई है। इससे तटीय और बागवानी क्षेत्रों के किसानों को बड़ी आर्थिक मजबूती मिलेगी।

फल-सब्ज़ी और बाजार तक पहुंच

फलों और सब्ज़ियों के उत्पादन को बढ़ाने और उन्हें सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए भी अलग से प्रावधान किए गए हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका घटेगी, किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और उपभोक्ताओं को ताजा व सस्ती उपज उपलब्ध होगी।

कुल मिलाकर, कृषि बजट 2026-27 किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह बजट “किसान की प्रगति ही देश की प्रगति” के संकल्प को साकार करने वाला साबित होगा।

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