सिवनघाट में अवैध रेत खनन पर बालाघाट प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, ठेकेदारों का पथराव, एक किलोमीटर लंबा रास्ता ध्वस्त

किसानों को बड़ी सौगात जंगली जानवरों से फसल नुकसान अब PMFBY बीमा के दायरे में 2

हलधर किसान बालाघाट l रेत के अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए बालाघाट जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तहसील खैरलांजी अंतर्गत ग्राम सिवनघाट में बड़ी और साहसिक कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री मृणाल मीना के स्पष्ट निर्देश पर 12 दिसंबर 2025 को खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने वैनगंगा नदी क्षेत्र में चल रहे संगठित अवैध रेत खनन का पर्दाफाश किया।

1002171767

प्रशासनिक जांच में सामने आया कि महाराष्ट्र के ठेकेदार द्वारा वैनगंगा (बैनगंगा) नदी के बीचों-बीच अवैध रूप से पानी की धार को रोकते हुए लगभग एक किलोमीटर लंबा और 15 से 18 फीट चौड़ा रास्ता तैयार किया गया था। इस रास्ते के माध्यम से नदी से बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन कर उसका परिवहन किया जा रहा था, जिससे न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा था बल्कि शासन को भी राजस्व की क्षति हो रही थी।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए तहसीलदार खैरलांजी, नायब तहसीलदार, माइनिंग अमला, थाना प्रभारी सहित राजस्व, खनिज एवं पुलिस बल ने मौके पर औचक निरीक्षण कर तत्काल कार्रवाई शुरू की। बालाघाट प्रशासन की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से महाराष्ट्र के जिला गोंदिया अंतर्गत ग्राम किन्ही की ओर से बनाए गए इस अवैध रास्ते को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया, जिससे अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

1002171788

कार्रवाई के दौरान हालात तब तनावपूर्ण हो गए जब महाराष्ट्र के रेत ठेकेदार और उसके साथियों ने प्रशासनिक कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। आरोप है कि ठेकेदार पक्ष द्वारा प्रशासनिक टीम पर पथराव किया गया और उपद्रव कर कार्रवाई रोकने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं, दो जेसीबी मशीनें मौके पर लाकर पुनः रास्ता बनाने की कोशिश भी की गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी तत्काल कलेक्टर श्री मृणाल मीना को दी गई। कलेक्टर द्वारा तत्परता दिखाते हुए महाराष्ट्र के गोंदिया जिला प्रशासन से संपर्क किया गया, जिसके बाद महाराष्ट्र की ओर से अवैध गतिविधियों को बंद करवाया गया। प्रशासनिक समन्वय के बाद ठेकेदार और उसके साथी मौके से वापस लौट गए।

बालाघाट जिला प्रशासन ने पूरी सख्ती के साथ अवैध रूप से बनाए गए रास्ते को पूरी तरह तोड़कर यह सुनिश्चित किया कि महाराष्ट्र के किन्ही क्षेत्र से मध्य प्रदेश की सीमा में रेत के अवैध खनन और परिवहन का कोई रास्ता शेष न रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की पुनरावृत्ति होती है तो संबंधितों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसी क्रम में 12 दिसंबर 2025 को ही लालबर्रा तहसील के ग्राम धपेरा में भी वैनगंगा नदी से रेत के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की लगातार शिकायतें मिलने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अवैध रेत खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वहां होमगार्ड एवं खनिज विभाग के सिक्योरिटी गार्ड तैनात किए गए हैं, ताकि नदी क्षेत्र की सतत निगरानी की जा सके।

बालाघाट प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। जिले में यह संदेश साफ है कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की यह निर्णायक पहल पर्यावरण संरक्षण, नदी अस्तित्व और किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

यह भी पढेंः- डीलर मार्जिन, जबरन टैगिंग और FOR को लेकर ऑल इंडिया संगठन ने एफएआई को लिखा पत्र, संसद में भी उठी मांग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *