जांच: एक ही परिवार में पति.पत्नी दोनों ले रहे पीएम किसान का लाभ, दोनों किए जाएंगे अपात्र  

Husband and wife in the same family are both taking the benefit of PM Kisan both will be made ineligible 1

सरकार ने कलेक्टर को दिए जांच के आदेश

हलधर किसान. भोपाल। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत एक ही परिवार के पति और पत्नी दोनों द्वारा लाभ उठाने के मामलों पर मध्य प्रदेश सरकार सख्त हो गई है। ऐसे मामलों की पहचान कर लाभार्थियों को अपात्र घोषित करने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए गए हैं राज्य के आयुक्तए भूमि अभिलेख ने 19 मई को सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा कि वे एक ही परिवार में दो.दो लोगों द्वारा लाभ लिए जाने की जांच करें और जरूरत पडऩे पर उचित कार्रवाई करें। यह पत्र केंद्र सरकार द्वारा 9 और 16 मई को की गई वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद जारी किया गया।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के दिशा.निर्देशों के खंड 3 में स्पष्ट किया गया है कि एक भूमिधारक किसान परिवार को पतिए पत्नी और नाबालिग बच्चों से मिलकर बने परिवार के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिनके पास खेती योग्य भूमि हो। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल तीन किश्तों में छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसारए एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार ऐसे मामलों में जहां पति और पत्नी दोनों लाभ उठा रहे हैं उन्हें अपात्र के रूप में चिह्नित किया जाना चाहिए। राज्य सरकार ने 21 मई को जारी एसओपी का हवाला देते हुए कहा कि जिन परिवारों में दोनों पति पत्नी लाभ ले रहे हैं उनकी जानकारी पीएम किसान पोर्टल पर 31 मई 2025 तक दर्ज की जानी चाहिए ताकि भविष्य में केवल एक सदस्य को ही लाभ मिल सके।

पत्र में लिखा गया है कि इससे प्राप्त अतिरिक्त राशि का समायोजन करने की अनुमति मिलेगी और यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य की किश्तों में परिवार के केवल एक सदस्य को ही उचित राशि जमा की जाए। बैतूल जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार हमने ऐसे 13000 मामलों की पहचान की है। एक ही परिवार के लोग कई बार योजना का लाभ ले रहे थे। यह एक सतत प्रक्रिया है, खातों को समायोजित किया जाएगा।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार जून 2025 के पहले सप्ताह में पीएम किसान योजना की 20वीं किस्त जारी की जाएगी। उससे पहले सभी अपात्र लाभार्थियों की पहचान और डाटा संशोधन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस काम के लिए आधार से जुड़े केवाईसी विवरण और पीडीएस डाटा का इस्तेमाल कर डी.डुप्लीकेशन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि एक ही परिवार के दो सदस्य योजना से जुड़े हैं, तो उनमें से कौन पात्र है और किसे हटाया जाना चाहिए। एसओपी में कहा गया है कि एक बार पति और पत्नी के रूप में पहचाने जाने वाले लाभार्थियों की जोड़ी को हस्तांतरित की गई किस्तों की कुल संख्या को संचयी पात्रता के विरुद्ध समायोजित कर दिया जाता है, पात्रता के अधीन, महिला लाभार्थी को बहाल किया जा सकता है।

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