हलधर किसान बालाघाट l दक्षिण सामान्य वनमंडल बालाघाट के अंतर्गत लालबर्रा परिक्षेत्र के बहियाटिकुर बीट में बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कक्ष क्रमांक 443 में मृत बाघ की जानकारी सामने आने के बाद वनमंडलाधिकारी अधर गुप्ता ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर वनपाल टीकाराम हनोते और वनरक्षक हिमांशु घोरमारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

🔍 मामला कैसे सामने आया?
2 अगस्त 2025 को एक व्हाट्सएप ग्रुप में बाघ के शव की तस्वीरें वायरल हुईं, जिसके बाद वन विभाग की टीम हरकत में आई। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई कि यह स्थल कक्ष क्रमांक 443 (GPS N 21° 54′ 27.4212″, E 79° 59′ 59.6148″) था, जो बहियाटिकुर बीट में स्थित है।
📅 घटना का क्रम:

- 27 जुलाई को वन सुरक्षा श्रमिक हरिलाल को मानसिंह से सूचना मिली कि पोटूटोला नहर के पास नाले में बाघ मृत अवस्था में पड़ा है।
- इस पर वनरक्षक हिमांशु घोरमारे ने बाघ को हटाने के निर्देश दिए।
- श्रमिकों ने बाघ के शव को घटनास्थल से हटाकर कक्ष क्रमांक 440 पहुंचाया।
- 29 जुलाई को शव को पुनः कक्ष क्रमांक 444 में सीमा लाइन के पास पहुंचाया गया।
- 30 जुलाई को सुरक्षा श्रमिकों द्वारा सूखी लकड़ियों की सहायता से शव को जला दिया गया और राख को चारों ओर फैला दिया गया।
👥 जिन सुरक्षा श्रमिकों से पूछताछ हुई:
हरिलाल, शिवकुमार, शैलेश, अनुज, मानसिंह, देवसिंह कुमरे – सभी पर शव को छिपाने और जलाने में शामिल होने का आरोप है।
❌ गंभीर लापरवाही का मामला:
वन अधिकारियों को बिना सूचना दिए वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम का उल्लंघन करते हुए बाघ के शव को जलाना एक गंभीर अपराध है। इस पर विभाग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए वनपाल व वनरक्षक को निलंबित कर दिया है।
वन विभाग इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रहा है और अन्य जिम्मेदारों पर भी सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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