हलधर किसान नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में जीएसटी दरों में किए गए बड़े सुधार को किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे कृषि और डेयरी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव बताते हुए कहा कि “नई जीएसटी दरें किसानों की लागत घटाकर उनकी आय बढ़ाने में मददगार साबित होंगी।”
किसानों को क्या-क्या होगा फायदा?
- ट्रैक्टर और कलपुर्जे सस्ते – अब ट्रैक्टर पर 5% जीएसटी ही लगेगी, कलपुर्जों पर भी 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
- कृषि उपकरण सस्ते – स्प्रिंकलर, ड्रिप सिंचाई मशीन, कटाई-थ्रेसिंग मशीन, कम्पोस्ट मशीन अब और किफायती।
- उर्वरक सस्ते – अमोनिया, सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड पर जीएसटी 18% से घटकर 5%।
- जैव कीटनाशक व सूक्ष्म पोषक तत्व सस्ते – किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहन।
- डेयरी क्षेत्र में राहत – दूध और पनीर पर अब कोई जीएसटी नहीं, मक्खन-घी पर सिर्फ 5%।
- मछली पालन को बढ़ावा – ‘तैयार या संरक्षित मछली’ पर जीएसटी 12% से घटकर 5%।
- शहद पर राहत – प्राकृतिक व कृत्रिम शहद पर जीएसटी घटाकर 5%।
- केंदू पत्ते पर जीएसटी घटा – आदिवासी समुदाय की आय बढ़ेगी।
- फल-सब्जियों और मेवों पर सस्ती दरें – कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
- सौर ऊर्जा उपकरण सस्ते – अब किसानों के लिए सिंचाई की लागत कम।
व्यापक असर
नई दरों से छोटे और मध्यम किसान भी ट्रैक्टर-उपकरण खरीद सकेंगे, कृषि में मशीनीकरण बढ़ेगा, समय और श्रम की बचत होगी। खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, जलीय कृषि और पॉल्ट्री को भी गति मिलेगी। यह सुधार किसानों को रसायनिक खेती से प्राकृतिक खेती की ओर मोड़ेगा, जिससे मिट्टी की सेहत और उत्पाद की गुणवत्ता सुधरेगी।
मंत्री का बयान
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा –
“जीएसटी सुधार से कृषि, डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में नई क्रांति आएगी। यह फैसला किसानों की लागत घटाकर उन्हें आत्मनिर्भर भारत के सपने की ओर ले जाएगा। हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हैं।”
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