हलधर किसान भोपाल l प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था शुरू किए जाने के बाद जिले में धान उपार्जन कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कृषि विभाग एवं सहकारी समितियों द्वारा किसान हित में व्यापक तैयारी की गई है, जिसका परिणाम यह है कि 1 दिसंबर से संचालित धान खरीदी प्रक्रिया में हर दिन किसानों की भारी भागीदारी देखने को मिल रही है। जिले में कुल 185 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर लगातार किसानों की आवाजाही बनी हुई है।
9 दिसंबर की शाम तक जिले के 66 हजार 344 किसानों द्वारा धान विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग की जा चुकी है। इनमें से 12 हजार 655 किसानों से 5 लाख 59 हजार 991 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। खरीदे गए धान का कुल मूल्य 132 करोड़ 66 लाख 18 हजार 679 रुपए बनता है। इसमें से अब तक प्रशासन द्वारा 2 करोड़ 16 लाख रुपए का भुगतान किसानों के बैंक खातों में अंतरित कर दिया गया है, जबकि शेष राशि का भुगतान नियमानुसार शीघ्र किया जाएगा।
खरीदे गए धान में से 1 लाख 70 हजार 200 क्विंटल धान का परिवहन कर गोदामों में भंडारण भी किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि न केवल खरीदी प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है बल्कि परिवहन और भंडारण की व्यवस्थाएं भी व्यवस्थित हैं।
गोदाम स्तरीय केंद्रों पर त्वरित भुगतान
जिले में बनाए गए गोदाम स्तरीय 59 खरीदी केंद्रों पर 2 लाख 16 हजार 960 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। इन केंद्रों की विशेषता यह है कि धान विक्रय के साथ ही भुगतान प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है, जिससे किसानों को तीन दिनों के भीतर राशि उनके खातों में प्राप्त हो जाती है। कई किसानों के भुगतान आदेश JIT पोर्टल पर पहुंच चुके हैं, जिनका भुगतान शीघ्र किया जाएगा।
समिति स्तरीय केंद्रों पर खरीदी जारी
समिति स्तर पर बनाए गए कुल 126 केंद्रों पर 3 लाख 42 हजार 931 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। समिति स्तरीय केंद्रों पर भुगतान प्रक्रिया में कुछ दिनों का समय लग सकता है, क्योंकि यहाँ भुगतान तभी शुरू होता है जब खरीदा गया धान गोदाम में जमा हो जाता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है; सभी भुगतान नियम अनुसार तय समय में किए जाएंगे।
कड़ी निगरानी और गुणवत्तापूर्ण खरीद पर जोर
जिले के जिन केंद्रों पर अत्यधिक मात्रा में धान की खरीदी हो रही है, वहाँ विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। सभी खरीदी केंद्र CCTV कैमरों से पूरी तरह निगरानी में हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त की जा सके। प्रशासन किसानों से लगातार अपील कर रहा है कि वे अपनी धान को अच्छी तरह साफ करके और पूर्ण रूप से सुखाकर ही केंद्रों पर लाएं। शासन द्वारा निर्धारित FAQ गुणवत्ता की धान ही खरीदी जाएगी, इसलिए किसानों के लिए गुणवत्ता का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।
पंजीकृत किसानों की संख्या में वृद्धि
इस वर्ष खरीफ विपणन 2025-26 के लिए जिले में 1 लाख 30 हजार 37 किसानों ने पंजीयन करवाया है। पंजीकृत किसानों की यह संख्या बताती है कि सरकार की समर्थन मूल्य पर खरीदी की नीति के प्रति किसानों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
किसानों के लिए भरोसेमंद कदम
सरकार एवं प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का प्रत्येक किसान अपनी मेहनत की उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सके। लगातार निगरानी, पारदर्शी भुगतान प्रक्रिया, और व्यापक व्यवस्थाएं इस दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं। धान खरीदी केंद्रों पर किसानों की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि जिले में खरीफ उपार्जन कार्य निर्धारित दिशा और गति से आगे बढ़ रहा है।
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