मत्स्य प्रजनन काल के दौरान अवैध विक्रय पर कलेक्टर के निर्देश पर सख़्त कार्रवाई
हलधर किसान, बालाघाट। वर्षा ऋतु में मछलियों के प्रजनन काल के चलते जिले में 15 जून से 15 अगस्त 2025 तक मत्स्याखेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख़्त कदम उठाते हुए मत्स्योद्योग विभाग की टीम ने शनिवार 6 जुलाई को लांजी के साप्ताहिक बाजार में छापामार कार्रवाई की।
सहायक मत्स्योद्योग अधिकारी श्रीमती मीना कोकोटे के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान 1.50 क्विंटल मेजर कार्प मछलियां जब्त की गईं, जिनकी बाजार कीमत 5600 रुपये आंकी गई। जब्त मछलियों की मौके पर नीलामी की गई और उससे प्राप्त समस्त राशि चालान के माध्यम से शासन के खाते में जमा कराई जा रही है।
कलेक्टर श्री मृणाल मीणा द्वारा जारी आदेश के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मछलियों के प्रजनन काल में उनके संरक्षण हेतु सख्ती से नियमों का पालन कराया जाए। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध की अवधि में कोई भी व्यक्ति, समूह या व्यापारी मछलियों का शिकार या विक्रय करते पाया गया तो उनके विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्यवाही में दल प्रभारी श्रीमती मीना कोकोटे के साथ मत्स्य निरीक्षक वैशाली मेश्राम, राजकुमार सिंह, मनोहर पंचेश्वर और प्रवीण मानकर भी शामिल रहे, जिन्होंने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।
क्या है आदेश का उद्देश्य?
वर्षा ऋतु मछलियों के प्रजनन का संवेदनशील समय होता है। इस दौरान अवैध मत्स्याखेट से मछलियों की प्राकृतिक संख्या में भारी गिरावट आ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंध लागू किया गया है, जिससे आने वाले समय में जलस्रोतों में मत्स्य सम्पदा की निरंतरता बनी रह सके।
जनता से अपील
मत्स्योद्योग विभाग ने आमजनों और व्यापारियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और मछलियों के संरक्षण में सहयोग दें। किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें।
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