हलधर किसान इंदौर। मूंग दाल वाली फसलों में प्रमुख है। इसमें प्रोटीन की मात्रा लगभग 25% होती है अतः सन्तुलित भोजन के मुख्य तत्त्वों में प्रधान अवयव की पूर्ति के लिये मूंग दाल आवश्यक है।

1. मूंग का बीजोत्पादन :-
मूंग की उत्तम पैदावार तथा सर्वोत्तम गुणवत्ता के लिये श्रेष्ठ किस्मों का बीज उपलब्ध करवाना आवश्यक है। वर्तमान में हरियाणा में MH-421, MH-1142 तथा नवीनतम किस्में MH-1762, MH-1772 एव SML-668 तथा अनेको नई विकसित किस्मों का प्रमाणित और गैर प्रमाणित या स्वयं प्रमाणित बीज भरपूर मात्रा में उत्पन्न किया जाता है।
2. मूंग के रोग :-
मूंग में प्रमुख रोग मूंग का मोजेक या पीलिया रोग, हैलोबलाईट आदि हैं।
3. मूंग का पीलिया रोग :-
मूंग का पीलिया रोग विशाणु (Virus) द्वारा फैलता है। वायरस को मारने का रसायन अभी तक पूरे विश्व में नहीं तैयार किया जा सका। वायरस मरता नहीं बल्कि इसकी सावधानियाँ लेकर बचाव किया जा सकता है। वायरत्त द्वारा फैलने वाली बिमारियाँ जैसे पोलियो, एडस, कोरोना, वायरल फीवर तथा पौधों में मरोडिया रोग एक बार हमला करती है तो प्रभावी भाग को नष्ट कर देती है इसी प्रकार मूंग के वायरस का असर होने पर फसल बिल्कुल ही खतम हो जाती है और पतियों का अधिकांश भाग पीला पन लिये होता है फोटोसिन्थेसिस की क्रिया न होने से नगण्य उपज होती है। वायरस एक पौधे से दूसरे पौधे पर हवा द्वारा उड़ कर नहीं जाता बल्कि उसको एक पौधे से दूसरे पौधे तक सफेद मक्खी White Fly (Bemisa Tabacci) द्वारा फैलाया जाता है अतः इस रोग के नियन्त्रण हेतु Amida, 40 ML Acre या अन्य रस चूसक कीटनाशी का छिड़काव कर रोका जा सकता है।
4. बीज प्रमाणीकरण :-
बीजों का प्रमाणीकरण राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा भारतीय न्यूनतम बीज प्रमाणीकरण मानक-2013 (IMSCS-2013) का पालन कर किया जाता है। इस ग्रंथ में लगभग 175 फसलों के मानक (Standard) दिये जो भारत सरकार द्वारा जारी किये गये। इन मानकों में Moong Yellow Virus Disease नामांकित रोग (Designated Disease) नहीं माना है अतः प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारी मूंग में पीला पन का रोग होने पर भी उसे प्रमाणित / पास कर देंगे। मूंग के न्यूनतम मानकों में पीले पन का रोग नामांकित Designated, बीज जनित Seed Borne Disease नहीं माना है बल्कि Halo Blight रोग बीज जनित रोग है।
5. स्वयं प्रमाणित बीज :-
स्वयं प्रमाणित या T.L./T.F.L. वर्ग का बीज भी इंडियन मिनीमम सीड सर्टिफिकेशन स्टैण्डर्ड 2013 की पालना कर ही तैयार किया जाता है अतः इन बीजों को भी पीला पन होने पर विक्रय करना गलत नहीं है।
6. पीलिया रोग के लिये उत्पादक व्यापारी दोषी नहीं:-
प्रमाणित एवं लेबल बीज में पीलिया रोग की शिकायत के लिये बीज उत्पादक एवं विक्रेता दोषी नहीं है। बीज उत्पादक फिर भी किसानों की भलाई हेतु बीज उपचारित कर बेचते हैं और बीज उत्पादन कार्यक्रम में पूरी छंटाई कर बीज लेते हैं। मूंग में पीले पन के लिये कानूनी रूप से न उत्पादक और न विक्रेता जिम्मेवार हैं इस दलील का लाभ उपभोक्ता न्यायालय में लम्बित विवादों में लिया जा सकता है। किसान को सफेद मक्खी की रोकथाम कर मूंग पर पीले पन रोग रहित उत्पादन किया किया जा सकता है।
-: उक्ति :-
बीज प्रमाणीकरण है नई विधा। फसल उत्पादन बढाये सर्वदा ।।
जागरूक कृषि आदान विक्रेता संघ अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
मप्र *के* *सभी कृषि आदान व्यापारी साथियों आप सभी को विदित होगा कि हर वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष गर्मी तापमान बहुत अधिक है और इस अधिक तापमान की वजह से बहुत सारी फसलों में समस्याएं पैदा हो गई है उनमें से एक समस्या है ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल के अभी तक ग्रीष्मकालीन मूंग की जितनी भी वैरायटी भारतवर्ष में लगाई जाती है उनमें से सिर्फ दो वैरायटी है जिसमें 40 डिग्री से 45 डिग्री तापमान होने पर इन किस्म में येलो मोजैक पौधा पीले पड़ने की शिकायत नहीं के बराबर होती है इसके अलावा जो दूसरी वैरायटी हैं उनमें यह अधिक तापमान की सहनशीलता की शक्ति नहीं होती और वह फसले जो है पीली पढ़ने लगती है किसान इस बात को समझता नहीं है वह सिर्फ बीज विक्रेता या कंपनी के ऊपर आरोप लगाता है कि आपका बीज फेल हो गया आपके द्वारा दिए* गए *बीज में जो है फसल पीली पड़ गई हमारा नुकसान हो गया जबकि इसमें कहीं से कहीं तक बीज का या बीज उत्पादक कंपनी का दोष नहीं है यह वातावरण के कारण जो मौसम का बदलाव है उसके कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है और जो कृषि वैज्ञानिक या कृषि के विषय में अधिक जानकारी रखते हैं वह लोग इस चीज को समझते हैं बाकी सामान्य किसानों को यह बात समझाना बहुत मुश्किल हो जाता हैअतः आप सभी कृषि आदान व्यापारियों से निवेदन है की वास्तविकता से अपने किसान भाई को अपने ग्राहक को अवगत कराए और उनको बताओ कि यह दोष बीज या बीज उत्पादक कंपनी का नहीं है मौसम के कारण यह सब स्थिति पैदा हो गई है कृपया शांति से समझ से अपने विवेक से अपने किस्मत भाई को संतुष्ट करें और अपना व्यापार सौहार्दपूर्ण वातावरण में करें यही आप सभी से निवेदन है आपका श्री कृष्णा दुबे उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश कृषि आदान विक्रेता संघ भोपाल जिला अध्यक्ष जागरूक कृषि आदान विक्रेता संघ* *इंदौर* 


आर.बी. सिंह, बीज कानून रत्न, एरिया मैनेजर (सेवानिवृत) नेशनल सीड्स कारपोरेशन लि० (भारत सरकार का संस्थान) सम्प्रति “कला निकेतन”, ई-70, विधिका-11, जवाहर नगर, हिसार-125001 (हरियाणा), दूरभाष सम्पर्क-79883-04770, 94667-46525 (WhatsApp)
