हलधर किसान विदिशा l विदिशा ज़िले के किसानों की मेहनत पर नकली दवा ने पानी फेर दिया। सोयाबीन फसल को नुकसान पहुंचाने वाले खरपतवारनाशी ‘बायोक्लोर’ पर कृषि विभाग ने तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
खिरिया, अटारीखेजड़ा, यूसूफगंज, गुलाबगंज जैसे कई गांवों के किसानों ने शिकायत की थी कि खेत में छिड़के गए रसायन से फसलें सूखने लगी हैं। इस पर 4 अगस्त को कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र, रायसेन की संयुक्त टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा किया।
निरीक्षण दल ने किसान गोविंद दांगी (अटारीखेजड़ा), धर्मसिंह (पिपरिया जागीर), श्रीराम दांगी (खिरिया), रविंद्र कुर्मी (यूसूफगंज) समेत अन्य के खेतों में जाकर फसलों की स्थिति देखी और चर्चा की।
जांच में पाया गया कि इन अधिकतर किसानों ने दिल्ली की “एच.पी.एम. केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड” की बनाई गई ‘बायोक्लोर’ नामक दवा का उपयोग किया था, जिसके दुष्प्रभाव से सोयाबीन की फसलें बर्बाद हो गईं।
इस आधार पर जिले में ‘बायोक्लोर’ की खरीद, बिक्री, परिवहन और भंडारण पर रोक लगा दी गई है। यह आदेश कृषि विभाग के उप संचालक एवं अनुज्ञापन अधिकारी द्वारा जारी किया गया।
🚜 कृषि विभाग की अपील
किसानों से अनुरोध किया गया है कि किसी भी कृषि रसायन की खरीद करते समय पक्का बिल अवश्य लें और सिर्फ अधिकृत विक्रेताओं से ही दवाएं लें। इससे भविष्य में नुकसान से बचा जा सकेगा।
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