भारत ने झींगा मछली क्षेत्र के लिए सहयोग बढ़ाया; बीते पांच वर्ष से अमेरिका को सीफूड का निर्यात मजबूत बना हुआ है l
हलधर किसान, नई दिल्ली सरकार ने बाजार में विविधता लाने और भारत के सीफूड निर्यात क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई पहल की हैं।वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में एक वैधानिक निकाय, समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) व्यापार प्रतिनिधिमंडल भेजकर, खरीदने-बेचने वालों के बीच बैठकें आयोजित करके और एशिया व यूरोप में प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय सीफूड मेलों में भाग लेकर सीफूड निर्यात बाजार में विविधता लाने के लिए सक्रिय तौर पर काम कर रहा है। 2025 में चेन्नई और नई दिल्ली में आयोजित रिवर्स क्रेता-विक्रेता बैठकों से 100 से क्रेता-निर्यातकों की बातचीत हुई।एमपीईडीए निर्यातकों को नए अवसरों का लाभ उठाने में मदद करने के लिए कई एफटीए पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजितकर रहा है।वाणिज्य विभाग बाजार पहुंच के मुद्दों को हल करने के लिए, विशेष रूप से ईयू के साथ, एफटीए वार्ताओं को तेज करने के लिए प्रयास कर रहा है भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंडोनेशिया, जापान, थाईलैंड, यूनाइटेड किंगडम और रूस के दूतावासों/ उच्चायोगों के साथ कई बैठकें की हैं इन चर्चाओं में, अन्य बातों के साथ ही, व्यापार संबंधों को मजबूत करना, मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता आश्वासन, जैव सुरक्षा और गुणवत्ता अनुपालन, कोल्ड-चेन में सुधार, प्रसंस्करण, स्वचालन, अनुसंधान और विकास सहयोग, और प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसे विषय शामिल थे। बीते पांच वर्ष में अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत झींगा मछली के किसानों और निर्यातकों को दी गई कुल वित्तीय मदद नीचे दी गई है: झींगा मछली के किसानों को मदद करने के लिए ये कदम उठाए गए हैं: यह भी पढेंः- जिले में धान खरीदी ने पकड़ी रफ्तार: किसानों को मिल रहा उनकी उपज का वाजिब दाम
