आकस्मिक निरीक्षण में दो राइस मिलों पर जुर्माना, मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता का संदेश
वारासिवनी।
धान भंडारण एवं मंडी व्यवस्था में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 31 दिसंबर को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वारासिवनी श्री कार्तिकेय जायसवाल के निर्देशन में गठित जांच दल ने क्षेत्र की राइस मिलों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंडी अधिनियम के प्रावधानों के तहत धान के भंडारण, स्टॉक स्थिति एवं संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की गई।
जांच दल द्वारा की गई इस कार्रवाई में दो राइस मिलों में धान भंडारण से संबंधित गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर मंडी अधिनियम 1972 के अंतर्गत जुर्माना अधिरोपित किया गया।
निरीक्षण के दौरान पटेल राइस मिल, गर्रा में मंडी के ई-अनुज्ञा पोर्टल पर दर्ज स्टॉक की तुलना में भौतिक सत्यापन में 17.50 क्विंटल धान अधिक पाया गया। स्टॉक में इस प्रकार की अनियमितता को गंभीर मानते हुए राइस मिल संचालक श्री संतोष राहंगडाले पर मंडी अधिनियम 1972 के तहत पांच गुना मंडी शुल्क की राशि 3,626 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया। साथ ही निर्देश दिए गए कि उक्त राशि कार्यालय कृषि उपज मंडी वारासिवनी में शीघ्र जमा कराई जाए।
इसके अतिरिक्त मिल परिसर में उपलब्ध चावल के स्टॉक से संबंधित समस्त बिल, खरीद-फरोख्त के दस्तावेज एवं अन्य अभिलेख जांच दल के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि धान एवं चावल का भंडारण नियमों के अनुरूप किया गया है या नहीं।
इसी क्रम में जांच दल द्वारा संचेती राइस मिल, वारासिवनी के गोदाम परिसर का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यहां मंडी के ई-अनुज्ञा पोर्टल पर दर्ज स्टॉक के अनुसार जांच करने पर 111 क्विंटल धान कम पाया गया। इस गंभीर अनियमितता पर राइस मिल संचालक श्री गंभीर संचेती के विरुद्ध मंडी अधिनियम 1972 के तहत पांच गुना मंडी शुल्क की राशि 14,320 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया। साथ ही संबंधित राशि जमा करने के निर्देश दिए गए तथा चावल भंडारण से जुड़े समस्त बिल एवं अभिलेख तत्काल प्रस्तुत करने को कहा गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धान की खरीद, भंडारण एवं परिवहन में पारदर्शिता बनाए रखना शासन की प्राथमिकता है। मंडी व्यवस्था से जुड़े किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस निरीक्षण एवं कार्रवाई के दौरान कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी खाद्य विभाग श्री अश्विन देशमुख, कृषि उपज मंडी वारासिवनी के सचिव श्री युवराज ठाकरे, सहायक श्री विक्रांत देशमुख तथा तहसीलदार श्री तीरथ प्रसाद अक्षरया उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मिल संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में मंडी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा, उचित मूल्य पर उपज की बिक्री तथा मंडी व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए इस प्रकार की सघन जांच अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।
इस कार्रवाई से क्षेत्र के राइस मिल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं किसानों ने प्रशासन की इस सख्ती को सकारात्मक कदम बताया है।
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