3.77 लाख सोयाबीन उत्पादक किसानों को 810 करोड़ रुपये की राशि एक क्लिक में अंतरित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भावांतर योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि किसानों के प्रति सरकार के श्रद्धाभाव और उनकी समृद्धि के प्रति मजबूत संकल्प का प्रतीक है। भावांतर की राशि किसानों का अधिकार है और सरकार इसे समय पर किसानों तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रतलाम जिले के जावरा में आयोजित राज्य स्तरीय सोयाबीन भावांतर भुगतान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 3.77 लाख से अधिक सोयाबीन उत्पादक किसानों के बैंक खातों में 810 करोड़ रुपये की भावांतर राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। इसमें रतलाम जिले के 12 हजार 386 किसान भी शामिल हैं, जिनके खातों में 20.74 करोड़ रुपये सीधे भेजे गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेश के 6.25 लाख से अधिक सोयाबीन उत्पादक किसानों को लगभग 1300 करोड़ रुपये की भावांतर राशि का भुगतान किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने नए वर्ष 2026 को अन्नदाताओं के कल्याण को समर्पित करने का निर्णय लिया है। अगले वर्ष प्रदेश में कृषि उत्सव मनाया जाएगा, जिसमें किसान भाइयों की समृद्धि और उन्नति का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेती के तरीकों, कृषि विस्तार सेवाओं और नवीन तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा, ताकि किसान सही समय पर सही निर्णय लेकर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता से जो भी वादे किए गए हैं, सरकार उन्हें पूरा करके दिखा रही है। विकास का यह कारवां कभी रुकेगा नहीं और विकास के प्रकाश से किसी को भी वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को वर्तमान में 1500 रुपये दिए जा रहे हैं, जिसे आने वाले समय में 3000 रुपये तक बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही सरकार हर जरूरतमंद और हुनरमंद युवा को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 32 लाख से अधिक किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनकी कुल लागत पर 90 प्रतिशत तक अनुदान सरकार द्वारा दिया जाएगा। इससे किसानों को सिंचाई में बड़ी राहत मिलेगी और खेती की लागत भी कम होगी।
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करीब 145 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 33 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर रतलाम जिलेवासियों को नए वर्ष की अग्रिम सौगात दी। इनमें 18 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 12 कार्यों का लोकार्पण तथा 127 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 21 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये विकास कार्य रतलाम जिले को स्वच्छता, सुंदरता और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर जावरा में आधुनिक आउटडोर-इनडोर स्टेडियम, निराश्रित महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर, हेरिटेज भवन निर्माण, तथा एक जर्जर स्कूल की सम्पूर्ण मरम्मत के लिए 2-2 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा ग्राम शुजापुर और ग्राम पिपलौदा में एक-एक नवीन बालिका छात्रावास बनाने की भी घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्वती–कालीसिंध–चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना से रतलाम जिले सहित मालवा और चंबल अंचल के जिलों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। साथ ही मालवा क्षेत्र में करीब 5 हजार करोड़ रुपये की लागत से फोर-लेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा, जिसमें किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, कृषि मंत्री श्री एंदल सिंह कंषाना सहित जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे और भावांतर योजना को किसानों के लिए लाभकारी बताया। बड़ी संख्या में उपस्थित किसान बंधुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया।
यह भी पढेंः- 39 हजार से अधिक किसानों से 437 करोड़ से ज्यादा की धान खरीदी, समर्थन मूल्य से मिल रहा वाजिब दाम
