हलधर किसान बालाघाट। वनांचल क्षेत्र में बसे नक्सल प्रभावित गांव चितालखोली में शनिवार को एक अनोखी सामाजिक पहल देखने को मिली, जब प्रबुद्ध तथागत फाउंडेशन बोरी लालबर्रा की टीम करीब 100 किलोमीटर की कठिन यात्रा तय कर गाँव पहुँची। कठोर ठंड के बीच आदिवासी परिवारों की जरूरतों को समझते हुए फाउंडेशन ने यहाँ शिविर आयोजित कर लगभग 150 आदिवासी महिला–पुरुषों को गर्म कंबल वितरित किए। वहीं आंगनवाड़ी और प्राथमिक शाला में अध्ययनरत 50 नन्हें बच्चों को स्वेटर, जैकेट और बिस्कुट बाँटे गए।

चितालखोली जैसे ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र में लोगों तक सहायता पहुँचाना किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन फाउंडेशन की टीम ने सामाजिक सरोकार को प्राथमिकता देते हुए ठंड से बचाव की इस अहम सामग्री को खुद पहुँचकर वितरित किया। इस पूरे अभियान में ग्रामीणों का उत्साह और प्रसन्नता देखते ही बनती थी।
शिविर का नेतृत्व फाउंडेशन के सचिव महेंद्र कुमार मेश्राम ने किया। उनके साथ उपभोक्ता संरक्षण जिला अध्यक्ष संतोष कुमार असाटी, सामाजिक कार्यकर्ता श्याम कौशल, पत्रकार रफी अंसारी, हितेन चौहान, यमलेज बंजारी, राहुल टेंभरे, चितरंजन नेरकर, संजय अजीत, कमल कोडले, तथा वन विभाग के कर्मचारी नारायण सिंह टेकाम शामिल रहे। पूरे दल ने जिला मुख्यालय से चितालखोली तक पहुँचकर ग्रामीणों के बीच सामग्री वितरण का कार्य संपन्न किया।

आयोजित शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों का भी उल्लेखनीय सहयोग मिला। यहाँ सरपंच फूलसिंह मरावी, पूर्व सरपंच तातुसिंह धुर्वे, तथा ग्रामीण सहयोगी अशोक कुमार टेकाम, नवल सिंह उईके और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का विशेष योगदान रहा। सभी ने मिलकर शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिविर के बाद वापसी के दौरान फाउंडेशन टीम ने कन्या आश्रम जलदा पहुँचकर वहाँ अध्ययनरत 50 छात्राओं को उम्दा गुणवत्ता वाली स्वेटर प्रदान की। यह वितरण अधीक्षक प्रमिला कुशरे की उपस्थिति में श्याम कौशल, संतोष असाटी और रफी अंसारी द्वारा किया गया। ठंड से बचाव हेतु मिली इस उपयोगी सामग्री को पाकर छात्राओं के चेहरों पर भी खुशी साफ झलक रही थी।
प्रबुद्ध तथागत फाउंडेशन बोरी लालबर्रा लंबे समय से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय है और जरूरतमंद गरीब परिवारों की सहायता के लिए सदैव अग्रसर रहता है। फाउंडेशन को कई समाजसेवियों का निरंतर सहयोग मिलता रहा है। इस अभियान में विशेष रूप से समाजसेवी पाश्वेंद्र उर्फ बंटू पारधी, पुष्पेंद्र सिंह और समीर सचदेव का उल्लेखनीय योगदान रहा।
दुर्गम और वनांचल क्षेत्र के लोगों तक सीधी पहुँच बनाकर उनकी आवश्यकताओं को पूरा करना फाउंडेशन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कठिन रास्तों और नक्सल प्रभावित वातावरण के बावजूद टीम ने चितालखोली पहुँचकर जो सहयोग प्रदान किया, उसकी आदिवासी समुदाय ने भूरी-भूरी प्रशंसा की।
इस प्रकार प्रबुद्ध तथागत फाउंडेशन का यह पहल न केवल मानवता का संदेश देती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि यदि समाजसेवी संस्थाएँ दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें, तो सबसे दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्रों तक भी राहत और मदद पहुँचाई जा सकती है।
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