कंपनी से स्पष्टीकरण की मांग, यदि समाचार गलत- भ्रामक है तो कंपनी करें कार्रवाई- श्री दुबे
हलधर किसान इंदौर। खेती- किसानी का सीजन इन दिनों चरम पर है। खाद- बीज व्यापारी किसानों को बेहतर उत्पादन, गुणवत्तायुक्त फसल के लिए खाद- बीज सहित पेस्टीसाइड उपलब्ध कराने के भरसक प्रयास कर रहे है। इस बीच नामी कंपनी के प्रोडक्ट को कैंसर का कारक बताकर प्रतिबंध के बावजूद बिक्री को लेकर प्रतिष्ठित अखबार में प्रकाशित किए गए समाचार के बाद विक्रेताओं सहित डीलरों के बीच असमंजस की स्थित बन गई है। कंपनी जहां डीलरों के जरिये बेरोकटोक विक्रेताओं तक प्रोडक्ट सप्लाय कर रहा है तो वही अब तक प्रशासनिक स्तर पर भी प्रोडक्ट पर प्रतिबंध जैसा कोई आदेश जारी नही हुआ है।
इस समूचे मामले को लेकर कृषि आदान विक्रेता संघ के राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों ने भी संज्ञान में लेकर शासन- प्रशासन से इसमें स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की है। कृषि आदान विक्रेता संघ प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह राजपुत, प्रदेश सचिव संजय रघुवंशी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीकृष्णा दुबे ने बताया कि सुमितोमो केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, जिसे सुमितोमो केमिकल इंडिया लिमिटेड के नाम से भी जाना जाता है। यह जापानी रासायनिक कंपनी होकर भारतीय सहायक कंपनी है। यह मुख्य रूप से कृषि रसायन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, पशु पोषण और अन्य औद्योगिक रसायनों के क्षेत्र में काम करती है।
सुमितोमो केमिकल इंडिया लिमिटेड की स्थापना 15 फरवरी, 2000 को हुई थी और 1 अक्टूबर 2000 को इसे प्राइवेट लिमिटेड से पब्लिक लिमिटेड कंपनी में बदल दिया गया था। यह कंपनी भारत में कीटनाशकों, शाकनाशियों, कवकनाशियो, और पशु पोषण उत्पादों के निर्माण और विपणन में सक्रिय है। इसके अलावा, यह सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में भी काम करती है, जिसमें कीट नियंत्रण और स्वच्छता उत्पाद शामिल हैं।
गत दिनों बड़े.बड़े हेडिंग में पेपर में छापा गया है कि प्रतिबंधित दवाइयां खुले आम बाजार में बिक रही हैा जिससे कि कैंसर फैल रहा है और विभाग वाले किसी भी प्रकार की कोई जांच पड़ताल नहीं कर रहे हैं। इस समूचे मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने पर पता चला कि यह गलत एवं भ्रामक जानकारी है, जो समाचार पत्र में प्रकाशित की गई है। संघ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि यह प्रकाशित समाचार गलत एवं भ्रामक है तो कंपनी या शासन- प्रशासन ने एक्शन क्यों नही लिया? संघ ने कंपनी से भी अपील की है कि केन्द्र व मध्य प्रदेश सरकार की कृषि विभाग की परमिशन है। उसकी कॉपी साथ में लगाकर कंपनी के लेटर हेड के ऊपर आज ही दो प्रतियां बनाए एक कृषि विभाग उपसंचालक कृषि इंदौर को दीजिए दूसरी संपादक को दीजिए। यह बड़ा गंभीर विषय है, इसका खंडन होना चाहिए या कंपनी गलत कर रही है तो कार्रवाई होना चाहिए।

