नई दिल्ली। पिछले साल साइबेरिया से जो 50 हजार साल पुराना जॉम्बी वायरस खोजा गया था। वह अब भी संक्रमण फैला सकता है। वैज्ञानिकों कई महीनों की स्टडी और जांच के बाद यह खुलासा किया है। यानी अगर ग्लेशियर पिघलेंगे तो ऐसे कई प्राचीन वायरस, बैक्टीरिया और पैथोजेंस नई बीमारी लेकर आ सकते हैं।
यह कोई फिल्मी कहानी नही है बल्कि सच्चाई है। यह वायरस कोरोना से भी अधिक खतरनाक बताया जा रहा है। यह एक ऐसा वायरस है जो कैसी भी स्थिति में जिंदा रहता है और मनुष्यों के लिए काफी खतरनाक है।
इस वायरस से बचने के लिए अभी कोई दवा नहीं है। रूस में इस वायरस की खोज हुई है। ये खतरनाक वायरस रूस के एक झील में हजारों साल पहले दफन हुए थे लेकिन अब इसके जिंदा होने की खबर है। साथ ही यह कई देशों के लिए खतरे की घंटी है। 50 हजार साल बाद फिर से जॉम्बी वायरस जिंदा हो रहे हैं। रूस के वैज्ञानिक पिछले दस वर्षों से इस पर रिसर्च कर रहे हैं। इस वायरस को एक्स.मार्सिले यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन में एमेरिटस प्रोफेसर मिशेल क्लेवेरी ने खोजा है।
दुनियाभर में ग्लोबल वार्मिंग को लेकर चेतावनी दी जा रही है। कहा जा रहा है कि अगर दुनिया में बढ़ती गर्मी के कारण रूस और साइबेरिया की जमी बर्फ पिघलती है तो बड़ी तबाही मच सकती है। जॉम्बी वायरस इतना खतरनाक है कि यह कोशिका वाले छोटे जीवों को भी संक्रमित कर देता है।
मिशेल क्लेवेरी जॉम्बी वायरस के बारे में सच्चाई को उजागर करना चाहते थे। ग्लोबल वार्मिंग मनुष्यों के लिए एक बड़ा खतरा है। 73 वर्षीय क्लेवेरी ने वायरस का अध्ययन करने में एक दशक से अधिक समय बिताया है। रूस समेत कई और देशों के एक्सपर्ट ने चेताया है कि सदियों से बर्फ के नीचे दफन वायरस को कुछ लोग कम आंक रहे हैं लेकिन यह काफी संक्रमण फैला सकते हैं। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से यह खतरा और भी कई गुना ज्यादा बढ़ गया है।
वैज्ञानिकों की टीम ने इसी साल जुलाई में अपनी इस रिसर्च को पब्लिश किया था। इसमें पता चलता है कि यह वायरस मुश्किल से मुश्किल हालात में भी जिंदा बचा रह सकता है।
ऐसे में यह सवाल है कि भारत और दूसरे देशों को कैसी तैयारी करनी होगी? कोरोना के बाद से दुनिया के कई देश बड़ी मुश्किल से इस महामारी से उबरे हैं और वहीं दूसरी ओर जॉम्बी के रूप में सामने एक खतरा दिखाई दे रहा है। भारत जैसे देशों में भी ग्लोबल वार्मिंग का खतरा है। विकसित देश विकासशील देशों पर इसका आरोप जड़ देते हैं। हालांकि ये खतरा अब बड़ा हो चुका है कि आने वाले समय में भारत समेत दुनिया के तमाम देशों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
