कैसे खेती बनेगी लाभ का धंधा: महंगा बीज लगाने पर भी धान में नही आई बाली, विदिशा में सेकड़ो हेक्टेयर फसल खराब होने से किसान परेशान

How farming will become a profitable business Despite planting expensive seeds

हलधर किसान इंदौर। प्राकृतिक आपदा के बीच कम दाम के साथ ही अमानक बीज के चलते किसानों की परेशानियों कम होती नजर नही आ रही है। खेती लाभ का धंधा होने के बजाय किसानो को कर्ज में डुबोने का धंधा साबित हो रही है। 

मध्यप्रदेश  के विदिशा जिले में खरीफ सीजन के दौरान लगाई धान फसल में पौधा बनने के बाद बीज अंकुरण नही होने का गम्भीर मामला सामने आया है। इससे कई किसानों को अमानक बीज के चलते नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने बताया बायर कंपनी का मंहगा बीज लगाया था, लेकिन जब धान में बाली आई तो आधे से अधिक धान में बाली ही नहीं आई और जो बाली है, उसमें भी लगी धान बदरा हो गई है।इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिन किसानों ने इस कंपनी का बीज लगाया था। उनकी भी आधी अधूरी फसल आई।

विदिशा जिले के कृषि आदान व्यापारी अध्यक्ष प्रणीत ने बताया जिले  के करीब 50 से अधिक किसान हैं, जिन्होंने अपने खेतों में इस कंपनी का धान लगाया। धान तो अच्छा हुआ, लेकिन आधे से कम धान में बाली आई और आधे धान में बाली ही नहीं आ रही। जिसमें बाली आई वह बदरा (दाने नहीं भरे) हो गया। 

किसानों ने बताया उन्होंने बेहतर उत्पादन की आस में महंगा बीज बोया। पूरी मेहनत की और खर्च किया, लेकिन जब फसल आई तो आधी अधूरी।

खेतों में एक धान के पौधे में एक बाली निकली हैं, ऐसे में हर किसान को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई किसानों ने तो इसी कंपनी का ही बीज पूरी खेतों में लगाया है, जिससे वे कर्ज में डूब जाएंगे।

 मध्य प्रदेश कृषि आदान  विक्रेता संघ भोपाल के अध्यक्ष मानसिंह राजपूत, राष्ट्रीय प्रवक्ता व प्रदेश सचिव संजय रघुवंशी व इंदौर जिले के जागरूक कृषि आदान विक्रेता संघ के अध्यक्ष श्रीकृष्णा दुबे ने विभाग से प्रशासन से और मंत्रालय से मांग की है कि जिन किसान भाइयों का नुकसान हुआ है उनकी भरपाई की जावे।  यह समस्या केवल विदिशा जिले की नही बल्कि प्रदेशभर में अमानक बीज से फसल आने में गड़बडी की शिकायतें सामने आती रही है लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में यह समस्या किसानों के लिये सिरदर्द बनी हुई है। संघ ने मांग की है कि जांच कर किसानों को कंपनी से नुकसान की भरपाई कराई जाए।

इंदौर मे. ईगल सीड्स एंड बायोटेक प्रालि का लाइसेंस निलंबित

इंदौर जिले में भी गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज सहित अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत जिले की बीज से जुड़ी एक कंपनी का लाइसेंस निलंबित किया गया है। उप संचालक कृषि सीएल केवड़ा ने बताया कि जिला स्तरीय गुण नियंत्रण दल द्वारा 3 नवम्बर को मेसर्स ईगल सीड्स एंड बायोटेक प्रालिड ग्राम पीर कराडिया क्षिप्रा एबी रोड इंदौर का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण में उक्त संस्थान के गोदाम में भंडारित बीजों से संबंधित अनियमितता पाई जाने पर लाइसेंस निलंबित किया।

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जागरूक कृषि आदान विक्रेता संघ के अध्यक्ष श्रीकृष्णा दुबे

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