हलधर किसान. भोपाल। रागी खेती एक फायदे की खेती है जो कम खर्च और ज्यादा मुनाफे के साथ आपको अच्छी कमाई दिला सकता है। इस खेती में सिंचाई और खाद की कमी के बावजूद, आप 500 ग्राम बीज से 9 क्विंटल अनाज तक पहुंच सकते हैं।
यहां हम इस खेती के फायदे, उत्पादन प्रक्रिया, और कमाई के बारे में बात करेंगे।रागी खेती से महीने का 70 से 80 हजार रुपये तक का प्रॉफिट हासिल किया जा सकता है।
रागी फाइबर से भरपूर होने की वजह से ये शुगर ठीक करने और वजन घटाने में भी मदद करता है यही नहीं यह स्ट्रेस कम करने में भी सहायक है नियमित रागी को अंकुरित करके खाने से इससे कमजोर इम्यूनिटी बूस्ट होती है,
साथ ही यह मोटापा भी कंट्रोल कर सकता है वज़न नियंत्रण में मदद रागी कम कैलोरी और उच्च प्रोटीन वाला भोजन है जो वजन कम करने में सहायक है एनीमिया दूर करे रागी में आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो एनीमिया से लड़ने में मदद करता है,
ब्लड शुगर कंट्रोल करे रागी ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में सहायक है। सिंचाई और खाद की कमी के कारण, रागी खेती में खर्च भी कम होता है। रागी अनाज में फाइबर, प्रोटीन, और आयरन भरपूर मात्रा में होता है, जिससे आपके स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं।

बीज बोना जाना 500 ग्राम बीज को खेत में बोना जाता है।पानी की आवश्यकता सिंचाई की आवश्यकता कम होती है, जिससे पानी की बचत होती है। रागी की उगाई में कम से कम 5 से 7 महीने का समय लगता है। खाद खेत में अधिक खाद की आवश्यकता नहीं होती है, जिससे खर्च कम होता है। परिपालन रागी के पौधों की देखभाल में सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि फसल को कोई नुकसान न हो।
रागी खेती से अच्छी कमाई होती है और इसमें निवेश भी कम होता है। यह खेती उन किसानों के लिए भी उपयुक्त है जो सिंचाई के लिए पानी की कमी के क्षेत्रों में हैं। इसके अलावा, रागी खाद की कमी को भी सही करता है, जिससे किसानों को खर्च पर कमी होती है और वे अधिक मुनाफा कमा सकते है।
