फार्महाउस पर तैयार गेहूं की किस्म अपनाई, हो रहा बंपर उत्पादन

Adopted the variety of wheat prepared at the farmhouse bumper production is happening

हलधर किसान नर्मदापुरम। खेती- किसानी नवाचारों के लिए जानी जाती है। वर्तमान दौर में कई किसान परंपरागत खेती छोड़ आधुनिक तकनीक के साथ ही बागवानी, उद्यानिकी फसलों की ओर मुड रहे है तो कई किसान अपनी पारंपरिक खेती को ही अपनाकर बंपर उत्पादन लेकर खेती को लाभ का धंधा साबित कर रहे है। 

ऐसे ही मप्र नर्मदापुरम जिले के ग्राम बनखेड़ी के प्रगतिशील किसान है विमलेश मिश्रा, जिन्होंने अपने खेत में प्रयोग के तौर पर स्थानीय फार्महाउस से तैयार कि गई गेहूं की नई किस्म की बुआई की और यह बीज उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ। श्री मिश्रा के अनुसार मेरा फार्महाउस से लिए गए गेहूं बीच से उनके खेत में फसल लहलहा रही है और बंपर उत्पादन हुआ है। 

45 वर्षीय श्री मिश्रा ने बताया कि 8 वीं तक शिक्षित होकर पिछले 20 वर्षों से खेती कर रहे है। उनके खेत में गेहूं के अलावा धान और सोयाबीन की बुआई होती है। पिछले कुछ वर्षो में गेंहू के गिरते उत्पादन, फसल पर वायरस, कीट- पतंगें होने से परेशानी हो रही थी। इस साल गेहूं की जगह अन्य फसल बुआई का मन बना लिया था, लेकिन नर्मदापुरम के मेरा फार्महाउस पर नई किस्म के गेहूं बीज तैयार होने की जानकारी मिलने पर उत्सुकतावश मेरा फार्म हाउस पर चला गया। वहां लगी फसल देख बीज ले लिया और उनका यह प्रयोग कारगर साबित हुआ है।

16

 इस किस्म में नही लगा कोई रोग

श्री मिश्रा ने बताया कि गेहूं के गिरते उत्पादन को देखते हुए उन्होंने कई वैरायटी के बीजों को अपनाया लेकिन उत्पादन उनकी मेहनत अनुसार नही मिलने से हर बार नई बीज की तलाश रहती थी। पिछले सीजन में जिस वैरायटी का बीज लगाया था, उससे प्रति एकड़ महज 20 क्विंटल उत्पादन हुआ था, उसमें भी गुणवत्ता बेहतर नही होने से भाव कम मिला। इस साल मेरा फार्महाउस का बीज लगाने से बंपर उत्पादन तो हुआ साथ ही रखरखाव में अधिक खर्च भी नही हुआ।  उपयोगी बात ये रही कि इस किस्म में कोई रोग नहीं लगा और फसल अच्छी गुणवत्ता वाली रही। उन्होंने प्रति एकड़ 25 क्विंटल का उत्पादन लिया है, जिसका दाम भी बाजार में बेहतर है। 

 130 दिन में तैयार होती है फसल

फार्महाउस संचालक के अनुसार यह बीज कृषि वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किया गया है, इसकी फसल 130 दिन में तैयार हो जाती है। समय पर सिंचाई, मृदा परीक्षण, मौसम की जानकारी, सही उर्वरक और कीटनाशक उपयोग जैसी महत्वपुर्ण प्रक्रियाओं को अपनाकर रोगमुक्त फसल ली जा सकती है। फार्महाउस के बीज के रखरखाव की समय- समय पर किसान को जानकारी भी साझा की जाती है। यह फसल 5 सिंचाई में तैयार होती है और 20अक्टूबर से 5 नवंबर के बीज लगाई जा सकती है। समय पर बुआई और उचित रखरखाव से न केवल बंपर उत्पादन बल्कि गुणवत्तायुक्त फसल होती है। श्री मिश्रा ने बताया कि उनके खेत में बेहतर उत्पादन होने से वह अब इस बीज का उपयोग करने के लिए अन्य किसानों को भी प्रेरित कर रहे है।  

यह भी पढेंः- बीज कानून पाठशाला अंक:20 आदरणीय बीज उत्पादक एवं बीज उर्वरक, कीटनाशी विक्रेता जन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *