सीसीआई ने 25 प्रतिशत नमी वाला कपास खरीदी से किया इंकार

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किसानों ने मंडी गेट पर किया प्रदर्शन, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने नमी जांच मशीन पर उठाए सवाल
किसानों के प्रदर्शन से आनन- फानन में प्रशासन ने रखी बैठक

हलधर किसान खरगोन। दीपावली के करीब एक सप्ताह अवकाश के बाद शुक्रवार से हंगामें के बीच बीटीआई रोड़ स्थित कपास मंडी में खरीदी शुरु हुई। यहां एक अक्टूबर से मंडी प्रबंधन द्वारा भारतीय कपास निगम याने सीसीआई खरीदी शुरु होने की सूचना दी थी, लेकिन दीपावली अवकाश के पूर्व याने 16 अक्टूबर तक सीसीआई द्वारा कोई खरीदी नही किए जाने से किसानों का आक्रोश फुट पड़ा।

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शुक्रवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने जिले की सभी मंडियों में तालाबंदी का आह्वान किया था, जिसके चलते सुबह से ही किसान मंडी गेट पर जुटने लगे। हालांकि सीसीआई के अधिकारी भी खरीदी के लिए पहुंचे, जिससे किसानों का कुछ हद तक आक्रोश शांत हुआ, लेकिन खरीदी शुरु होते ही 25 प्रतिशत नमी बताकर कपास रिजेक्ट किए जाने के बाद फिर किसान बिफर गए।
महासंघ के प्रदेश पदाधिकारी गोपाल पाटीदार, किसान सुखलाल पाटीदारए गौरव पाटीदारए अनिल पाटीदार ने बताया किसान बड़ी मुश्किल से फसल को तैयार करता है, लेकिन उसको यह फसल बेचने के लिए परेशानी झेलनी पड़ती है। कभी गीला, कभी नमी तो कभी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में घटते भाव का हवाला देकर कौढियों में दाम पर उपज खरीदी जाती है, अब यह नही चलेगा। चाहे व्यापारी हो या सीसीआई। न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम में किसी किसान की उपज न खरीदी जाए।
कम रही आवक
लंबे अवकाश के बाद शुरु हुई खरीदी के बीच आवक बेहद कम रही। संभवत: महासंघ के आह्वान के चलते किसान अपनी उपज लेकर मंडी नही पहुंचे। यहां सीसीआई खरीदी के लिए 6 किसानों ने स्लॉट बुक किया था, जिनकी उपज खरीदी के दौरान 3 वाहन 25 प्रतिशत नमी बताकर रिजेक्ट कर दी गई। इसके बाद फिर हंगामें की स्थिति बनी।
नमी जांच मशीन पर उठाए सवाल
महासंघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सीसीआई की जांच मशीन में खराबी है। हंगामें के बाद दोबारा जांच कराने पर जिस किसान को 25 प्रतिशत नमी बनाई थी, उस किसान के कपास में 8 प्रतिशत नमी पाई गई है। इससे प्रतीत होता है कि सीसीआई कपास खरीदी में रुचि नही ले रही है। ऐन- केन प्रकारेण खरीदी को टाला जा रहा है। इसके अलावा पंजीयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
अफसरों ने संभाला मोर्चा
बढ़ते हंगामें की सूचना पर डिप्टी कलेक्टर, डीडीए एसएस राजपूत, मंडी सचिव शर्मिला नीमामा किसानों के बीच पहुंचे। एहतियातन पुलिस बल भी तैनात रहा। हंगामा बढऩे पर आनन- फानन में कलेक्टर कार्यालय परिसर में बैठक आहुत की गई, जिसमें किसानों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा कर मामले का पटाक्षेप करने का प्रयास किया गया।
केंद्रीय कृषि मंत्री व कृषि राज्य मंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान व कृषि राज्य मंत्री एंदलसिंह केसाना के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें सीसीआई की कपास खरीदी में नमीं का मापंड 25 प्रतिशत करने, तौलकांटों की जांच कराने, फसल बिक्री की पंजीयन प्रक्रिया सरल करने, भोजन व्यवस्था दुरुस्त करने, भावांतर योजना में विसंगतियां दूर करने जैसी मांगें रखी शामिल है।

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