हलधर किसान, भोपाल। मप्र में थम चुका बारिश का दौर एक बार फिर सक्रिय होते नजर आ रहा है। अक्टूबर माह विदाई के पहले अचानक मौसम ने करवट ली है। पिछले एक माह से दिन में पड़ रही तेज धूप के चलते जहां लोग तपन भरी गर्मी से हलाकान थे, अचानक दो दिन से बादल छाने के चलते गर्मी और उमस से राहत मिली है। पिछले दो दिनों से बादल छाए रहने के कारण तापमान में भी गिरावट देखी जा रही है।
शनिवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और 9 बजे कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश का दौर भी चला, ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी बारिश का दौर खत्म नहीं हुआ है। बादल छान और हल्की बारिश के बाद गुलाबी ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नवंबर माह की शुरुआत ठंड से होगी। फिलहाल आगामी दो दिनों तक कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश का तापमान तेजी से कम होगा और ठंड का असर बढऩे लगेगा। वर्तमान में पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक अपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके कारण एमपी में तेज हवा के साथ आसमान में बादल छा रहे हैं। इसके साथ ही एक लो प्रेशर सिस्टम अरब सागर के ऊपर सक्रिय है, जो अगले 24 घंटे में डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके साथ ही एक लो प्रेशर सिस्टम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है।
ला.नीना से उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि साल के अंत में प्रशांत महासागर में ला.नीना के सक्रिय होने की प्रबल संभावना जताई जा रही हैं। हालांकि, अभी यह निश्चित नहीं है कि इसका ठंड पर कितना असर होगा, लेकिन यदि पूरी तरह सक्रिय हुआ तो उत्तर भारत में नवंबर से दिसंबर के बीच सामान्य से अधिक ठंड पडऩे की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार साल 2010 के बाद सबसे अधिक ठंड का एहसास हो सकता है। ला.नीना के प्रकोप से ठंड के साथ बारिश भी देखने को मिल सकती है।
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