हलधर किसान। पशुओं में विषाणु जनित लंपी बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में अलर्ट नजर आ रहा है। आलम यह है कि मौजूदा समय में देश के 8 राज्यों में लाखों पशु वायरस से संक्रमित हैं. तो वहीं अब तक 50 हजार से अधिक मवेशियों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे में केंद्र से लेकर राज्य सरकारें अलर्ट मोड पर आ गई हैं.
उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा निर्णय लेते हुए प्रदेश में गोवंशीय व महिषवंशीय पशुओं के एक जिले से दूसरे जिले में आवाजाही पर रोक लगाने के साथ ही पड़ोसी राज्यों से पशुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।मवेशियों को सुरक्षित करने के लिए राज्य में टीकाकरण अभियान शुरू करने का फैसला लिया है.टीकोंकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पशुपालन विभाग को केंद्र के साथ समन्वय करने को कहा गया है.
यूपी के 15 जिलों में फैला वायरस
यूपी के 15 जिलों में लम्पी वायरस के मामले अभी तक सामने आ चुके हैं. अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने आदेश जारी किया है की सभी मंडलायुक्त, डीएम, एसपी व पुलिस आयुक्तों को विस्तृत निर्देश दिये गए हैं। सीमावर्ती राज्य राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड व मध्य प्रदेश की सीमा पर पड़ने वाले सभी बार्डर चेक पोस्ट पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिये गए हैं।कहा गया है कि अगले आदेश तक पड़ोसी राज्यों से प्रदेश में गोवंशीय व महिषवंशीय पशुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी। विशेषकर सहारनपुर, आगरा, झांसी समेत अन्य सीमावर्ती जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।
हरियाणा में 31 हजार मवेशी प्रभावित
हरियाणा में 31 हजार मवेशियों को अपनी चपेट में लिया है. इस वजह से यह मवेशी गंभीर संक्रमण का सामना कर रहे हैं. नतीजन राज्य के अंदर दूध के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है.मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 215 मवेशियों की मौत अभी तक हो चुकी है. इस वजह से राज्य में दूध का उत्पादन 30 फीसदी तक गिरा है. करनाल में 250 मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट और डेयरियां हैं और दूध का उत्पादन अब 1.25 लाख लीटर से घटकर लगभग 90,000 लीटर रह गया है.
