केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने किया पशुधन बीमा पोर्टल का शुभारंभ, पॉलिसी से लेकर क्लेम तक की प्रक्रिया होगी डिजिटल
हलधर किसान नई दिल्ली। देश के लाखों पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों के लिए पशुधन बीमा से जुड़ी सेवाओं को आसान, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने पशुधन बीमा पोर्टल लॉन्च किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के तहत संचालित पशुधन बीमा गतिविधि के माध्यम से देशभर में पशुधन बीमा के वितरण और प्रबंधन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने इस पोर्टल का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव श्री नरेश पाल गंगवार, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, बीमा कंपनियों तथा विभिन्न क्षेत्रीय हितधारकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से 4,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया।

30 लाख से अधिक पशुओं का इस वर्ष हो चुका बीमा
कार्यक्रम के दौरान पशुपालन और डेयरी विभाग के सचिव श्री नरेश पाल गंगवार ने पशुधन बीमा योजना की रूपरेखा, प्रीमियम दरों, किसानों के योगदान और योजना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक 30 लाख से अधिक पशुओं का बीमा किया जा चुका है।
पशुधन किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गाय, भैंस, बकरी, भेड़ सहित अन्य पशुधन की बीमारी, दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य कारणों से मृत्यु होने पर पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में बीमा सुरक्षा पशुपालकों के लिए आर्थिक जोखिम को कम करने में मददगार हो सकती है।
किसानों के लिए राहत का माध्यम बनेगा पोर्टल
राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने खेती-बाड़ी और पशुपालन से जुड़े परिवारों के सामने मौजूद अनिश्चितताओं को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने उम्मीद जताई कि नया पशुधन बीमा पोर्टल किसानों और पशुपालकों के लिए राहत का माध्यम बनेगा तथा बीमा सेवाओं तक उनकी पहुंच को बेहतर करेगा।
वहीं केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि पशुधन लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए आय और आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। उनके अनुसार समय पर और किफायती बीमा सुरक्षा किसानों को पशुओं की मृत्यु, बीमारी के प्रकोप, दुर्घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं तथा अन्य अप्रत्याशित जोखिमों से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने किसानों तक योजना का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। साथ ही बीमा कंपनियों, राज्य सरकारों और अन्य संबंधित पक्षों से अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) अभियानों के माध्यम से पशुधन बीमा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया।
पॉलिसी से क्लेम तक डिजिटल व्यवस्था
नया पशुधन बीमा पोर्टल पॉलिसी जारी करने, प्रीमियम प्रबंधन, दावों के प्रसंस्करण, लाभार्थी सत्यापन और रियल-टाइम निगरानी के लिए एंड-टू-एंड डिजिटल व्यवस्था उपलब्ध कराता है।
इस पोर्टल के माध्यम से किसानों, राज्य सरकारों, बीमा कंपनियों और योजना को लागू करने वाली एजेंसियों को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का प्रयास किया गया है। इससे बीमा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और विभिन्न स्तरों पर जानकारी की निगरानी को आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
पोर्टल से किसानों को मिलेंगी ये प्रमुख सुविधाएं
पशुधन बीमा पोर्टल के माध्यम से कई महत्वपूर्ण सुविधाओं को डिजिटल रूप से उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
- पशुओं के बीमा नामांकन की प्रक्रिया को आसान और तेज करना।
- बीमा दावों के निपटारे में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना।
- पॉलिसी की रियल-टाइम ट्रैकिंग और निगरानी की सुविधा।
- किसानों और बीमा प्रदाताओं के लिए सेवाओं तक आसान पहुंच।
- लाभार्थी सत्यापन की प्रक्रिया को डिजिटल बनाना।
- प्रीमियम प्रबंधन और पॉलिसी संबंधी जानकारी को व्यवस्थित करना।
- बीमा दावों की प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाना।
- योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डेटा आधारित निर्णय लेने की व्यवस्था को मजबूत करना।
पशुपालन क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की दिशा में कदम
सरकार के अनुसार पशुधन बीमा पोर्टल पशुधन क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए बीमा सेवाओं को तकनीक के माध्यम से अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने से पशुपालकों को योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा हो सकती है।
पशुपालन करने वाले किसानों के लिए बीमा केवल आर्थिक सुरक्षा का माध्यम ही नहीं, बल्कि पशुधन में किए गए निवेश को जोखिम से बचाने का एक महत्वपूर्ण साधन भी है। ऐसे में पोर्टल के माध्यम से बीमा नामांकन, पॉलिसी प्रबंधन और क्लेम प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने से पूरी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने और योजना की जानकारी अंतिम छोर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक का उपयोग करते हुए पशुपालकों को पशुधन बीमा की सुविधा का अधिक व्यापक लाभ मिले और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को अप्रत्याशित जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
पशुधन बीमा पोर्टल: rashtriyapashubima.dahd.gov.in
