हलधर किसान नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए देश के कई राज्यों में मौसम बदलने की चेतावनी दी गई है। मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, 27 से 30 अक्टूबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, तेलंगाना, विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम में बदलाव और बारिश की संभावना जताई गई है।
चक्रवाती तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए संबंधित राज्यों के प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने की जरूरत है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही खेतों में कटाई, फसल की ढुलाई और अन्य कृषि कार्यों की योजना बनाएं।
आंध्र प्रदेश और यनम में 27-28 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका
मौसम संबंधी चेतावनी के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 27 और 28 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। उपलब्ध पूर्वानुमान में तूफान के 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश के तटवर्ती क्षेत्र को प्रभावित करने की आशंका जताई गई है। हालांकि, तूफान के वास्तविक मार्ग, तीव्रता और तट पर पहुंचने के समय की पुष्टि के लिए मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी है।
तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मछुआरों, समुद्र तट के आसपास रहने वाले लोगों और खुले स्थानों पर काम करने वाले श्रमिकों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। किसानों को भी खेतों में कटी हुई फसल, कृषि उपकरण और खाद-बीज को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करनी चाहिए।
ओडिशा में 28 अक्टूबर को मूसलाधार बारिश का अलर्ट
ओडिशा में 28 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अतिरिक्त 27 और 29 अक्टूबर को भी राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का खतरा बना रह सकता है। लगातार बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सलाह है कि वे खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें। कटाई के लिए तैयार फसलों और खुले में रखी कृषि उपज को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल या सुरक्षित भंडारण का उपयोग करें। पशुपालकों को भी पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने की व्यवस्था करनी चाहिए।
छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की संभावना
छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
किसानों के लिए यह समय विशेष सतर्कता का है। खेतों में खड़ी फसल, काटकर रखी गई उपज और कृषि मशीनरी को सुरक्षित रखने के उपाय करें। जहां पानी जमा होने की आशंका है, वहां निकासी के रास्ते खुले रखें। मौसम के प्रतिकूल रहने पर अनावश्यक रूप से खेतों, नदी-नालों और खुले स्थानों में जाने से बचें।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान
उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 29 अक्टूबर को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 30 अक्टूबर को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इससे पूर्वांचल के कई क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।
राजधानी लखनऊ में 27 अक्टूबर को अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान बताया गया है। हालांकि, तापमान और बारिश की स्थिति में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदलाव संभव है।
पूर्वांचल के किसानों को सलाह दी जाती है कि वे धान सहित अन्य फसलों की कटाई और उपज के भंडारण के संबंध में मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखें। खेतों में पानी जमा होने से रोकने के लिए जल निकासी की व्यवस्था करें और कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाओं की संभावना
दिल्ली-एनसीआर में 27 अक्टूबर को बारिश और लगभग 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना बताई गई है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। राजधानी में 27 अक्टूबर को अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मौसम में बदलाव के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और तेज हवा के दौरान कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। हालांकि, दिल्ली में 29-30 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना की पुष्टि के लिए मौसम विभाग का ताजा स्थानीय पूर्वानुमान देखना जरूरी है।
बिहार और झारखंड में भी बारिश का असर
बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पटना, बेगूसराय, सिवान, गया, भोजपुर, बक्सर और गोपालगंज सहित विभिन्न क्षेत्रों में मौसम बिगड़ सकता है। उपलब्ध जानकारी में कुछ इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका भी जताई गई है। पटना में अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
झारखंड में 29 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। रांची में अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान बताया गया है। बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन के साथ कृषि कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं।
विदर्भ, तेलंगाना और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी सतर्कता जरूरी
मौसम संबंधी चेतावनी के अनुसार, 28 अक्टूबर को विदर्भ और तेलंगाना में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं 30 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में किसानों को फसलों की सुरक्षा, जल निकासी और कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
किसानों और आम नागरिकों के लिए जरूरी सलाह
चक्रवाती तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें। तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। जलभराव वाले रास्तों और उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें। किसान कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की तैयारी करें।
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