खेत-तालाब निर्माण में बिरसा जनपद बना प्रदेश में नंबर वन
हलधर किसान बालाघाट। जल संरक्षण और संवर्धन के लिए चलाई गई राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान में बालाघाट जिले ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश स्तर पर तीन प्रमुख पुरस्कार हासिल किए हैं। यह सफलता कलेक्टर श्री मृणाल मीणा के नेतृत्व और जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ की सतत निगरानी का परिणाम है।
अभियान के दौरान जिले ने जल स्रोतों के निर्माण व पुनर्जीवन में उल्लेखनीय कार्य किए। 30 मार्च से 30 जून 2025 तक चले इस अभियान में जिले को कुल 87.56 अंक प्राप्त हुए, जिससे प्रदेश में तीसरा स्थान मिला। खंडवा पहले और रायसेन दूसरे स्थान पर रहे।

खेत-तालाब निर्माण में प्रदेश में अव्वल रहा बालाघाट
बी श्रेणी में (जहां 5 या उससे अधिक जनपद पंचायतें हैं), खेत-तालाब निर्माण में बालाघाट को प्रथम स्थान मिला। इस कार्य में जिले ने 3900 खेत-तालाबों के लक्ष्य के विरुद्ध 4875 निर्माण कार्य शुरू कर 125% लक्ष्य प्राप्त किया और 110 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए।
बिरसा जनपद को मिला प्रदेश में पहला स्थान
विकासखंड स्तर पर ए श्रेणी (जहां 70 या उससे कम ग्राम पंचायतें हैं) में बिरसा जनपद पंचायत ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी श्रेणी में अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत अव्वल रही।
जलदूतों की नियुक्ति में 295% उपलब्धि
- जलदूत नियोजन: लक्ष्य – 4100, नियुक्त – 12,000 (295%)
- कूप रिचार्ज: लक्ष्य – 1200, पूर्ण – 1400 (118%)
- अमृत सरोवर: लक्ष्य – 25, पूर्ण – 36 (144%)
मुख्य आंकड़े एक नजर में
| कार्य | लक्ष्य | उपलब्धि | प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| खेत-तालाब | 3900 | 4875 | 125% |
| कूप रिचार्ज | 1200 | 1400 | 118% |
| अमृत सरोवर | 25 | 36 | 144% |
| जलदूत नियुक्ति | 4100 | 12000 | 295% |
प्रदेश में बालाघाट की मेहनत का मिला सम्मान
जल गंगा संवर्धन अभियान में जिले की अभूतपूर्व सफलता यह दर्शाती है कि यदि योजनाओं को ईमानदारी व पारदर्शिता से लागू किया जाए तो ग्राम विकास से लेकर जल संरक्षण तक हर क्षेत्र में क्रांति लाई जा सकती है।
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