किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

Provide farmers with advanced agricultural techniques quality seeds

बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री ने किसानों से किया संवाद, कहा- खेती को लाभकारी बनाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता

भोपाल, 11 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, उन्नत कृषि यंत्र और बेहतर कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सरकार लगातार जोर दे रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और कृषि के साथ आय के अन्य साधनों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निवाड़ी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के कार्यक्रम से जुड़े और किसानों को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को खेत से लेकर बाजार और कृषि आधारित उद्योगों तक हर स्तर पर आवश्यक सहयोग मिले। उन्होंने कहा कि आने वाला समय कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनने के साथ प्रदेश की समृद्धि की बड़ी गारंटी बनेगी।

खेती के साथ अन्य कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि वे अपनी रुचि और क्षेत्र की संभावनाओं के अनुसार दुग्ध उत्पादन, श्रीअन्न उत्पादन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को भी अपनाएं। इससे किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक किसानों के साथ खड़ी है। कृषि उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले, इसके लिए कृषि आधारित गतिविधियों और प्रसंस्करण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों से बलराम कृषि महोत्सव में अधिक से अधिक भागीदारी करने की अपील की।

उन्नत बीज और आधुनिक कृषि यंत्रों पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए किसानों को नई तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ना जरूरी है। उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने और खेती की लागत कम करने में मदद मिल सकती है।

बलराम कृषि महोत्सव जैसे आयोजनों को किसानों के लिए उपयोगी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यक्रमों में किसान कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सकते हैं। साथ ही उन्हें आधुनिक कृषि उपकरणों, नवीन तकनीकों और बेहतर उत्पादन पद्धतियों की जानकारी मिलती है।

उन्होंने किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीजों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बेहतर बीज और आधुनिक तकनीक अपनाने से उत्पादन तथा किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ती हैं।

प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार परंपरागत कृषि पद्धतियों के साथ प्राकृतिक एवं जैविक खेती को भी बढ़ावा दे रही है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसान कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेकर नई तकनीकों को अपनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकता है। किसानों को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के साथ कृषि क्षेत्र से जुड़ी अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जा रहा है और सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है।

2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पूरे वर्ष किसानों के हित में विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा दी जा रही है। खरीफ और रबी फसलों के लिए ऋण चुकाने की अवधि पहले छह-छह माह निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब एक वर्ष कर दिया गया है। अब किसान जिस दिन ऋण लेगा, उस तारीख से एक वर्ष की अवधि में ऋण चुका सकेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में ढाई करोड़ किसानों को सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराया गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराकर खेती की लागत कम करना और उत्पादन क्षमता बढ़ाना है।

कृषि के साथ पशुपालन और रोजगारपरक गतिविधियों पर जोर

मुख्यमंत्री ने युवाओं, महिलाओं, गरीबों और किसानों के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काम कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के साथ पशुपालन, पर्यटन और अन्य रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

गौशालाओं और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से कृषि के साथ आय के नए साधनों को अपनाने और उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

निवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। देवेन्द्रपुरा के कृषक उदयभान कुशवाहा को संरक्षित खेती, पठाराम के कृषक सतीश बंशकार को औषधीय खेती, तरीचर कलां के कृषक सुरेश कुमार साहू को निजी कस्टम हायरिंग केंद्र, मड़िया खास के कुलदीप सिंह दांगी को ई-कृषि यंत्र अनुदान के लिए सम्मानित किया गया।

इसी क्रम में टीला के कृषक अरविंद घोष को डेयरी प्लस, सुजानपुरा के सुरेन्द्र कुमार यादव को गौ-मैत्री योजना, चचावली के लालाराम सूत्रकार को प्राकृतिक खेती तथा थौना के कैलाश नारायण केवट को मत्स्य बीज उत्पादन के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निवाड़ी की छात्रा कु. शिवानी कुशवाहा को कक्षा 10वीं की परीक्षा में प्रदेश की प्रवीण सूची में नौवां स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। इसके अलावा जिले के अन्य मेधावी छात्र-छात्राओं का भी सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में अपेक्स बैंक भोपाल के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव, बलराम कृषि महोत्सव के प्रदेश प्रभारी कपिल दार्दे, विधायक निवाड़ी अनिल जैन, सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया, कलेक्टर जमुना भिड़े, पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और किसान मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के संदेश का स्पष्ट फोकस यही रहा कि आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, वैज्ञानिक खेती, बेहतर सिंचाई-बिजली व्यवस्था और कृषि आधारित रोजगार के नए अवसरों के माध्यम से किसान की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाए।

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