हलधर किसान नई दिल्ली। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने उपभोक्ताओं को खाद्य तेलों की कीमत में हाल ही में हुई कटौती का सीधा लाभ दिलाने के लिए देशभर की प्रमुख खाद्य तेल रिफाइनरियों और प्रसंस्करण इकाइयों का निरीक्षण किया है। सरकार द्वारा खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटाने के बाद यह ठोस कदम उठाया गया है ताकि आम आदमी को राहत मिल सके।
पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में स्थित प्रमुख रिफाइनरियों का निरीक्षण किया गया। इन इकाइयों में पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी जैसे कच्चे खाद्य तेलों का शोधन होता है। निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि कई कंपनियों ने पहले ही अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) और वितरक मूल्य (PTD) में कटौती कर दी है। कुछ ने आगामी दिनों में और भी दाम घटाने की बात कही है।
सरकार ने साफ किया है कि कच्चे तेल की कम लदान लागत के चलते उपभोक्ताओं को कम कीमतों पर खाद्य तेल उपलब्ध होना चाहिए। विभाग ने इस बात पर संतोष जताया कि उद्योग जगत ने इस दिशा में सकारात्मक सहयोग दिया है।
इसके पहले 11 जून को सचिव, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की अध्यक्षता में खाद्य तेल उद्योग की बड़ी बैठक भी हुई थी। उसमें कंपनियों को निर्देश दिए गए थे कि वे शुल्क कटौती का लाभ जल्द से जल्द खुदरा स्तर तक पहुंचाएं और साप्ताहिक रूप से ब्रांड के हिसाब से MRP की जानकारी विभाग को दें।
सरकार ने चेताया है कि अगर मूल्य लाभ का फायदा उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचता है, तो नियामक कार्रवाई की जाएगी।
👉 सरकार का यह प्रयास खाद्य तेल बाजार में पारदर्शिता और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ आम जनता को राहत देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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