खुले बाजार में सस्ता गेहूं-चावल बेचने की तैयारी, भारत ब्रांड से सस्ते दरों पर मिलेगा आटा-चावल

Preparations to sell cheap wheat and rice in the open market flour and rice will be available at cheaper rates from Bharat Brand

हलधर किसान, नई दिल्ली l देश में खाद्य कीमतों को काबू में रखने और सार्वजनिक भंडार का बेहतर प्रबंधन करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खुले बाजार बिक्री योजना (OMSS) के तहत सरकार अब सरकारी भंडार से गेहूं, चावल और मोटे अनाज की बिक्री करेगी। इस योजना का मकसद त्योहारी सीजन में अनाज की मांग को संतुलित करना और महंगाई पर लगाम लगाना है।

गेहूं का रिजर्व प्राइस तय, बिक्री अगस्त से

वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं का रिजर्व प्राइस 2,550 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो इसके न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,425 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है। हालांकि, इस कीमत में परिवहन खर्च शामिल नहीं है। गौरतलब है कि पिछले साल गेहूं का रिजर्व प्राइस 2300-2325 रुपये प्रति क्विंटल था।

खाद्य मंत्रालय की ओर से भारतीय खाद्य निगम (FCI) को निर्देश दिए गए हैं कि वह यह गेहूं प्राइवेट ट्रेडर्स, नेफेड, एनसीसीएफ, केंद्रीय भंडार और सामुदायिक रसोइयों को बेचे। सहकारी संस्थाएं इस गेहूं से “भारत” ब्रांड का आटा बनाकर देशभर में मोबाइल वैन और स्टोर्स के माध्यम से आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाएंगी।

FCI अनाज की उपलब्धता, बफर स्टॉक और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की जरूरतों को देखते हुए 40-50 लाख टन गेहूं बिक्री के लिए जारी कर सकती है। बिक्री अगस्त से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी।

रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन से भंडार भरपूर

इस साल देश में रिकॉर्ड 11.75 करोड़ टन गेहूं का उत्पादन हुआ है, जिससे सरकार के पास भरपूर भंडार मौजूद है। 1 जुलाई को निर्धारित 275.8 लाख टन के बफर मानक के मुकाबले FCI के पास 352 लाख टन गेहूं का स्टॉक है। इसी वर्ष रबी सीजन में सरकारी एजेंसियों ने 300 लाख टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीद की है।

इथेनॉल के लिए चावल बिक्री, सहकारी संस्थाओं को मिलेगा ब्रांडेड स्टॉक

सरकार ने इथेनॉल उत्पादन के लिए भी 52 लाख टन चावल ओएमएसएस के तहत जारी करने का निर्णय लिया है। यह चावल 31 अक्टूबर तक 2,250 रुपये, और 1 नवंबर से 2,320 रुपये प्रति क्विंटल की दर से डिस्टलरियों को मिलेगा। यह दर धान के MSP (2,389 रुपये प्रति क्विंटल) से भी कम है। इसमें टूटे अथवा पुराने चावल का अधिक उपयोग होगा।

इसी तरह, नेफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार को ‘भारत’ ब्रांड चावल बेचने के लिए 1 नवंबर से 2,480 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है। राज्य सरकारों और सामुदायिक रसोइयों के लिए यह दर 2,320 रुपये प्रति क्विंटल रहेगी। इसकी कुल मात्रा 36 लाख टन से घटाकर 32 लाख टन कर दी गई है।


टूटे चावल पर भी निर्धारित दरें, प्राइवेट मिलर्स को रोक

राइस मिलिंग स्कीम के तहत टूटे चावल को भी पहली बार OMSS में शामिल किया गया है। 10% टूटे चावल के लिए 3,090 रुपये, और 25% टूटे चावल के लिए 2,829 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है।

सरकार ने साफ किया है कि प्राइवेट मिलर्स को ‘भारत’ ब्रांड चावल और आटा बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कार्य केवल केंद्रीय सहकारी संस्थाओं के माध्यम से होगा। हालांकि, इन संस्थाओं को पहले दी जा रही 200 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी अब बंद कर दी गई है।


त्योहारी सीजन में कीमतें रहेंगी काबू में

सरकार का मानना है कि खुले बाजार में गेहूं और चावल की बिक्री से आगामी त्योहारी सीजन में खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, भंडारण की चुनौती को भी बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।

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