हलधर किसान मुरैना/कृषकों को उत्तम क्वालिटी को बीज प्राप्त हो। इसके लिए कलेक्टर अंकित अस्थाना के निर्देश पर उप संचालक कृषि के नेतृत्व में जिले की खाद, बीज दुकानों पर छापामार कार्यवाही कर नमूने लेने के निर्देश दिये गये थे।
निर्देशों के तहत अलग-अलग विकासखण्डों में खण्ड स्तर के अधिकारियों ने सेम्पलिंग की कार्यवाही की। उन्हें लैब भेजा गया, जिनमें से 10 फर्मो के बीज अमानक पाये गये। उप संचालक कृषि अनंत सड़ैया ने 10 फर्मो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिनमें सबलगढ़ विकासखण्ड के झुण्डपुरा की मैसर्स नैतिक बीज भंडार, खार नाले के पास मैसर्स रावत कृषि सेवा केन्द्र और मैसर्स खेती बीज भंडार के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिये है। इसी प्रकार कैलारस विकासखण्ड की मैसर्स बालाजी कृषि सेवा केन्द्र और मैसर्स न्यू क्रिश बीज भंडार के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिये है। जौरा विकासखण्ड के मैसर्स न्यू मां गायत्री बीज भंडार, मैसर्स उन्नत कृषि सेवा केन्द्र जौरा, मुरैना विकासखण्ड की बानमौर में मैसर्स आईएफएफडीसी कृषक सेवा केन्द्र, अम्बाह विकासखण्ड की न्यू सावरिया कृषि सेवा केन्द्र और मैसर्स बालाजी बीज भंडार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कृषि आदान विक्रेता संघ की प्रतिक्रिया
साथियों मुरैना में जो है हमारे कृषि आदान व्यापारियों के यहां से विक्रय होने वाले बीजों की सैंपलिंग में अमानक परिणाम आने पर हमारे कृषि आदान विक्रेता बंधुओ के 10 लाइसेंस जो है निलंबित किए गए हैं। चलो यह तो विक्रेता बंधुओ के ऊपर कार्रवाई हुई, लेकिन इन कृषि आदान व्यापारी भाइयों ने विक्रेता बंधुओ ने जिन कंपनियों का बीज लिया था उनके ऊपर क्या कार्रवाई होगी ? कायदे से दोषी तो वही रहेंगे ना उत्पादक । जिन्होंने इनको माल दिया है और हर बार इसी तरह हम कृषि आदान व्यापारी विक्रेता जो है निशाने पर रहेंगे त, यह हमारे साथ सौतेला व्यवहार होगा। विभाग को चाहिए वहां के कलेक्टर और उप संचालक कृषि को चाहिए कि जहां से जिस कंपनी से वह बीज उनके पास आए हैं उनके ऊपर भी कार्यवाही हो । सिर्फ और सिर्फ विक्रेता को ही दोषी मानकर किसी प्रकार की कार्यवाही ना हो।
यह विरोध अपनी प्रतिक्रिया में प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह राजपूत, राष्ट्रीय प्रवक्ता व सचिव संजय रघुवंशी, प्रदेश के संगठन मंत्री विनोद जैन, मध्य प्रदेश कृषि आदान विक्रेता संघ भोपाल के उपाध्यक्ष कृष्णा दुबे आदि ने दर्ज कराया है। पदाधिकारियों ने कहा है कि हम शासन के विभाग के कामों में बाधा डालना नहीं चाहते, लेकिन एक तरफा कार्रवाई करके कृषि आदान व्यापारियों को परेशान ना किया जाए। नियम अनुसार जो भी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। वह हम कृषि आदान व्यापारी करेंगे। लेकिन विक्रेता के साथ-साथ उत्पादक या जहां से उसको बीज प्रदान किया गया है वहां पर भी उचित कार्रवाई होना चाहिए।

