हलधर किसान। देश के मुख्य कपास उत्पादक क्षेत्रों में आने वाले तीन दिन तक कहीं भारी तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है. कपास उत्पादक क्षेत्रों में हुई भारी बारिश खेतों को अतिरिक्त पानी सोखने में मददगार होती है. यह फसल के लिए अच्छा है. महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा जैसे प्रमुख कॉटन उत्पादक प्रदेशों में मॉनसून आगे बढ़ा है, बुवाई की गतिविधि पिछले वर्ष की तुलना में अधिक हुई है. 15 जुलाई तक देशभर में कपास की बुआई 102.8 लाख हेक्टेयर में की जा चुकी है.कपास की बुवाई पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.4 फीसदी और पिछले 5 साल की समान अवधि की सामान्य क्षेत्रफल के औसत से 20.5 फीसदी अधिक है. इस साल 126 लाख हेक्टेयर में कपास की बुवाई करने की उम्मीद जताई जा रही है. चूंकि पिछले दो वर्ष से किसानों को कपास में अच्छा पैसा मिला है इसलिए किसान इसकी खेती पर अधिक जोर दे रहे हैं.
कहां बारिश का अनुमान
मध्य महाराष्ट्र और मराठवाडा में 26, 27 और 28 जुलाई को हल्की बारिश की संभावना है. विदर्भ में 26 और 27 जुलाई को कई जगहों पर भारी बारिश और 28 को हल्की बारिश होने की संभावना है. तेलंगाना में 26 जुलाई को लगभग जगहों पर भारी बारिश, 27 को कई जगहों पर भारी बारिश और 28 को हल्की बारिश की आशंका है. गुजरात रीजन में 26 जुलाई को बहुत जगहों पर भारी बारिश और 27 व 28 को हल्की बारिश की संभावना है. सौराष्ट्र और कच्छ में 26, 27 और 28 जुलाई को हल्की बारिश की संभावना है. पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 26 जुलाई को कई जगहों पर भारी बारिश और 27 व 28 को हल्की बारिश की संभावना है. कर्नाटक में 26 जुलाई को अधिकतर जगहों पर भारी बारिश और 27 और 28 को बहुत जगहों पर भारी बारिश आने वाली है. पंजाब और हरियाणा में 26, 27 और 28 जुलाई को कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है.
देश में बारिश की स्थिति
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 1 जून-24 जुलाई के दौरान सामान्य से 11 फीसदी अधिक दर्ज हुआ है. देशभर में सामान्य 380.3 मिमी के मुकाबले 422.2 मिमी बारिश आई थी. पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 564.7 मिमी बारिश दर्ज हुई थी, जो कि सामान्य 664.3 मिमी से 15 फीसदी कम थी. उत्तर पश्चिम भारत में 233 मिमी बरसात हुई थी, जो कि सामान्य 234.5 मिमी की तुलना में 1 फीसदी कम दर्ज हुई है. मध्य भारत में 527.8 मिमी बारिश हुई, जो कि सामान्य 414.9 मिमी से 27 फीसदी अधिक है. वहीं दक्षिण प्रायद्वीप में 421.5 मिमी बरसात हुई, जो कि सामान्य 318.9 मिमी से 32 फीसदी अधिक है.
किन क्षेत्रों में कम हुई बारिश
बारिश की सबसे अधिक कमी वाले क्षेत्रों में पूर्वी और पश्चिम राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात, सौराष्ट्र एवं कच्छ, कोंकण और गोवा, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक शामिल हैं. जबकि, बारिश की कमी वाले क्षेत्रों में गंगेटिक पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, पूर्वी यूपी और पश्चिमी यूपी आदि शामिल हैं. इनमें किसानों को परेशानी का सामना कर रहे है.
