हलधर किसान भोपाल l मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के वन ग्रामों में अब तक जिन ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे नहीं मिले हैं, उन सभी को पट्टे देने की दिशा में राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सभी ऐसे गांवों का दोबारा सर्वे कराया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रह जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “वन क्षेत्र में रहने वाले हमारे आदिवासी भाई-बहनों के अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत जिन ग्रामवासियों को अब तक भूमि अधिकार पत्र नहीं मिले हैं, उन्हें चिन्हित कर पट्टे प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीमें सर्वेक्षण करेंगी।”
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरकार वन ग्रामों में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा के लिए भी विशेष योजना पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि “गांवों को अधिकारों के साथ विकास का भी हक है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र परिवार पीछे न रह जाए।”
इस संदर्भ में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सर्वे कार्य में पारदर्शिता रखी जाए और जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए, जिससे ग्रामवासियों का भरोसा बढ़े। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और समय रहते आवेदन कर सकें।
मुख्यमंत्री के इस बयान से राज्य के हजारों वन ग्रामवासियों को उम्मीद की नई किरण मिली है, जो वर्षों से पट्टों के इंतजार में थे।
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