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दिल्ली में गूंजेगी टोंक की महिला किसान शक्ति, अखिल भारतीय सम्मेलन में शामिल होंगी 50 महिला किसान

The voice of women farmers from Tonk will resonate in Delhi 50 women farmers will participate in an all India conference

भारतीय किसान संघ के बैनर तले इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में होगा महिला किसान कार्यकर्ता सम्मेलन

हलधर किसान टोंक। भारतीय कृषि व्यवस्था में महिलाओं के योगदान, उनकी मेहनत और कृषि क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से भारतीय किसान संघ द्वारा 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में अखिल भारतीय महिला किसान कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में राजस्थान के टोंक जिले से 50 महिला किसान भाग लेंगी। महिला किसानों का यह दल 29 सितंबर की शाम 6 बजे बस से दिल्ली के लिए रवाना होगा। सम्मेलन में टोंक जिले की महिला किसानों की भागीदारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खेती-किसानी और कृषि आधारित आजीविका में महिलाओं की भूमिका को सामने लाने का अवसर बनेगी।

भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री विनय सिंह ताखर ने जानकारी देते हुए बताया कि नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम (के.डी. जाधव) में आयोजित होने वाले इस अखिल भारतीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से महिला किसान और महिला किसान कार्यकर्ता शामिल होंगी। टोंक जिले से जाने वाला 50 महिला किसानों का दल 29 सितंबर को शाम 6 बजे बस से प्रस्थान करेगा तथा निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार रात्रि करीब 1 बजे दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम पहुंचेगा। इसके बाद महिला किसान सम्मेलन की गतिविधियों में भाग लेंगी।

अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के संदर्भ में आयोजन

विनय सिंह ताखर के अनुसार, वर्ष 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में देखते हुए भारतीय किसान संघ द्वारा इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को पहचान दिलाना, महिला किसान कार्यकर्ताओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा खेती-किसानी से जुड़े विषयों पर उनके अनुभवों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाना है।

भारत में कृषि केवल खेतों में फसल उगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी गतिविधियों में महिलाओं की व्यापक भागीदारी रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं परिवार की आजीविका चलाने, पशुधन की देखभाल करने, कृषि कार्यों में सहयोग देने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद कई बार उनके श्रम, अनुभव और निर्णय लेने की क्षमता को अपेक्षित पहचान नहीं मिल पाती। ऐसे में महिला किसान कार्यकर्ता सम्मेलन कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगा।

बुआई से लेकर कटाई तक महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका

भारतीय कृषि व्यवस्था में महिला किसानों का योगदान अनेक स्तरों पर दिखाई देता है। खेतों में बुआई, रोपाई, निराई-गुड़ाई और कटाई जैसे कार्यों से लेकर फसल की देखभाल तथा कृषि उपज के प्रबंधन तक महिलाएं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाती हैं। कई ग्रामीण परिवारों में खेती से जुड़े दैनिक कार्यों का बड़ा हिस्सा महिलाओं के श्रम पर निर्भर रहता है।

इसके अतिरिक्त पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, चारा प्रबंधन, घरेलू स्तर पर खाद तैयार करना, बीजों का संरक्षण और कृषि उपज के प्रसंस्करण जैसे कार्यों में भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रहती है। पारंपरिक कृषि ज्ञान और स्थानीय संसाधनों के उपयोग के माध्यम से महिला किसान खेती की विभिन्न पद्धतियों को आगे बढ़ाने में योगदान देती हैं।

जैविक एवं प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में भी महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। गोबर और अन्य जैविक संसाधनों से खाद तैयार करना, बीजों को सुरक्षित रखना तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कृषि संबंधी पारंपरिक तरीकों का उपयोग करना खेती की टिकाऊ पद्धतियों से जुड़ा हुआ है। इन गतिविधियों के माध्यम से महिला किसान कृषि उत्पादन के साथ-साथ परिवार और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देती हैं।

उत्कृष्ट महिला किसानों का होगा सम्मान

सम्मेलन की प्रमुख गतिविधियों में कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिला किसानों का सम्मान भी शामिल रहेगा। विनय सिंह ताखर के अनुसार, गौ आधारित कृषि, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, बीज संरक्षण, पशुपालन, रोजगार सृजन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली उत्कृष्ट महिला किसानों को सम्मानित किया जाएगा।

इन क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिला किसानों के अनुभव अन्य किसानों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, बीज संरक्षण के क्षेत्र में स्थानीय किस्मों को सुरक्षित रखने का प्रयास कृषि विविधता से जुड़ा है, जबकि पशुपालन और दुग्ध उत्पादन ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध करा सकते हैं। इसी प्रकार खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित छोटे उद्यमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

ऐसे प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने से महिला किसानों के कार्यों, उनके अनुभवों और कृषि क्षेत्र में अपनाई जा रही विभिन्न गतिविधियों को व्यापक पहचान मिलने की संभावना रहती है।

राष्ट्रीय मंच पर सामने आएगी टोंक की भागीदारी

टोंक जिले से 50 महिला किसानों का सम्मेलन में शामिल होना जिले की महिला किसान शक्ति की संगठनात्मक भागीदारी को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर है। इस दौरान महिला किसानों को दूसरे क्षेत्रों से आने वाली महिला किसान कार्यकर्ताओं के अनुभवों से परिचित होने और कृषि से संबंधित गतिविधियों को समझने का अवसर भी मिलेगा।

विनय सिंह ताखर ने कहा कि महिला किसान भारतीय कृषि व्यवस्था की महत्वपूर्ण भागीदार हैं। खेती-किसानी में उनके योगदान को पहचान और सम्मान मिलना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारतीय किसान संघ महिला किसानों की संगठनात्मक भागीदारी बढ़ाने तथा कृषि से संबंधित उनके विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयोजित होने वाला सम्मेलन महिला किसानों के अनुभव, योगदान और कृषि क्षेत्र में उनकी भूमिका को प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। टोंक जिले से महिला किसानों की भागीदारी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

खेती-किसानी में महिला सशक्तीकरण पर रहेगा ध्यान

कृषि क्षेत्र में महिला सशक्तीकरण का संबंध केवल खेती में श्रम करने तक सीमित नहीं है। इसमें कृषि संबंधी निर्णयों में भागीदारी, प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी तक पहुंच, कृषि आधारित रोजगार के अवसर तथा महिला किसानों के कार्यों को सामाजिक और आर्थिक पहचान दिलाना भी शामिल है।

महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी से खेती में उपलब्ध अनुभवों और स्थानीय ज्ञान को साझा करने के अवसर बढ़ सकते हैं। साथ ही, कृषि और ग्रामीण आजीविका से जुड़े विषयों पर महिलाओं की बात राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है।

टोंक जिले से दिल्ली जा रहा 50 महिला किसानों का दल इसी व्यापक भागीदारी का प्रतिनिधित्व करेगा। भारतीय किसान संघ द्वारा आयोजित यह सम्मेलन महिला किसानों के योगदान को सामने लाने, उनके अनुभवों को साझा करने और कृषि व्यवस्था में उनकी भूमिका पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर बनेगा।

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