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‘मिशन समृद्ध गाँव’ योजना से बनेगा आत्मनिर्भर और गरीबी-मुक्त ग्रामीण भारत का मॉडल

The ‘Mission Samriddh Gaon scheme will create a model of a self reliant and poverty free rural India

हलधर किसान नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में ‘मिशन समृद्ध गाँव’ योजना का शुभारंभ किया। इस मिशन का उद्देश्य ऐसे गांवों का समग्र और एकीकृत विकास करना है, जहां प्रत्येक परिवार को रोजगार या आजीविका का अवसर मिले, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों और लोगों को रोजगार की तलाश में मजबूरी में पलायन न करना पड़े। सरकार इस पहल के माध्यम से गरीबी-मुक्त, रोजगारयुक्त और सुविधासंपन्न गांवों का मॉडल तैयार करने की दिशा में काम करेगी।

श्री चौहान ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प की मजबूत नींव समृद्ध, आत्मनिर्भर और गरीबी-मुक्त गांवों से तैयार होगी। मिशन समृद्ध गाँव केवल एक सरकारी परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का एक प्रयोगात्मक मॉडल है। इसके तहत सरकारी योजनाओं को अलग-अलग तरीके से लागू करने के बजाय परिवार, ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर उनका आपसी समन्वय करते हुए ग्रामीणों की जरूरतों के अनुसार लाभ पहुंचाया जाएगा।

सीहोर और देवास में पायलट मॉडल

मिशन समृद्ध गाँव के तहत मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुदनी और देवास जिले के खातेगांव ब्लॉक में पायलट मॉडल विकसित किए जाएंगे। इन क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का अभिसरण कर गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और समग्र ग्राम विकास का मॉडल तैयार किया जाएगा। पायलट परियोजना के अनुभवों और सफलता के आधार पर इसे देश के अन्य क्षेत्रों में भी दोहराने की योजना है।

श्री चौहान ने बताया कि चयनित ब्लॉकों में परिवार से लेकर ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर तक विकास की समेकित रूपरेखा तैयार की जाएगी। प्रत्येक परिवार की आवश्यकताओं, आर्थिक स्थिति और पात्रता का आकलन कर उसे केंद्र तथा राज्य सरकार की उपयुक्त योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इससे यह सुनिश्चित करने का प्रयास होगा कि पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।

मिशन के दायरे में केवल कृषि और ग्रामीण विकास ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आजीविका और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य गांवों में ऐसी परिस्थितियां तैयार करना है, जहां लोगों को बेहतर जीवन के लिए शहरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता न पड़े।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि यदि सरकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू कर उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए तो गरीबी को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “लोगों की जिंदगी बदलना मेरी जिंदगी का मकसद है।”

उन्होंने मिशन की सफलता के लिए विभागों, प्रशासन, पंचायती राज संस्थाओं और विभिन्न साझेदार संगठनों को एक टीम के रूप में काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार, योजनाओं के बेहतर समन्वय और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति को और तेज किया जा सकता है।

संस्थागत साझेदारी से मजबूत होगा मिशन

मिशन समृद्ध गाँव के क्रियान्वयन में सरकार के साथ विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होगी। श्री चौहान ने ट्रांसफॉर्म रुरल इंडिया फाउंडेशन, गेट्स फाउंडेशन, एक्सिस बैंक फाउंडेशन, एचएसबीसी, सिटीबैंक सहित अन्य साझेदार संस्थाओं के सहयोग और सुझावों का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि सरकार, पंचायती राज संस्थाओं, नागरिक समाज संगठनों और निजी क्षेत्र के बीच प्रभावी समन्वय से ग्रामीण विकास को नई दिशा दी जा सकती है। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से गांवों की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास की योजनाएं तैयार की जाएंगी।

महिला किसानों और ग्रामीण महिलाओं पर विशेष ध्यान

मिशन समृद्ध गाँव में महिला किसानों और ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया जाएगा। महिला किसानों की पहचान कर उन्हें कृषि संबंधी सलाह, तकनीकी जानकारी और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।

श्री चौहान ने ‘लखपति दीदी’ अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि जब ग्रामीण महिलाओं ने अपने जैसी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होते देखा, तो उनमें भी आगे बढ़ने का विश्वास पैदा हुआ। ऐसे सफल मॉडलों की पहचान कर उन्हें दूसरे गांवों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

एकीकृत कृषि से बढ़ेगी किसानों की आय

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छोटे और सीमित जोत वाले किसानों की आय बढ़ाने के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली को बढ़ावा देना जरूरी है। किसानों को केवल पारंपरिक अनाज उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उनकी आय के कई स्रोत विकसित किए जाएंगे।

इसके तहत फल एवं सब्जी उत्पादन, मछली पालन, बकरी पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि गांवों में वेयरहाउस, खाद्य प्रसंस्करण और उत्पादन आधारित गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। किसानों को केवल कच्ची उपज बेचने के बजाय मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

सफल मॉडल को देशभर में दोहराने की तैयारी

श्री चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से मिशन समृद्ध गाँव का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सीहोर और देवास में विकसित होने वाले पायलट मॉडल के अनुभवों के आधार पर ग्रामीण विकास का ऐसा प्रभावी मॉडल तैयार करने का प्रयास होगा, जिसे देश के अन्य गांवों में भी लागू किया जा सके।

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