हलधर किसान, नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात और सिक्किम के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक कर दोनों राज्यों में कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) और कृषोन्नति योजना (KY) के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा स्वीकृत राशि के समयबद्ध उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात और सिक्किम के लिए इन दोनों योजनाओं के तहत कुल 275.52 करोड़ रुपये की दूसरी मदर सैंक्शन स्वीकृत करने का निर्णय लिया। इसमें गुजरात के लिए 224.94 करोड़ रुपये और सिक्किम के लिए 50.58 करोड़ रुपये शामिल हैं। केंद्र सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के माध्यम से कृषि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
गुजरात को 224.94 करोड़ रुपये
गुजरात के लिए स्वीकृत 224.94 करोड़ रुपये में PM-RKVY के तहत 181.62 करोड़ रुपये तथा कृषोन्नति योजना के तहत 43.32 करोड़ रुपये की दूसरी मदर सैंक्शन शामिल है।
PM-RKVY के अंतर्गत कृषि विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। इनमें कृषि संबंधी विकास कार्यों के साथ सूक्ष्म सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, जैविक खेती, मृदा एवं जल संरक्षण और कृषि-वनीकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि संसाधन उपलब्ध कराना और खेती को अधिक टिकाऊ तथा लाभकारी बनाना है।
वहीं कृषोन्नति योजना के अंतर्गत गुजरात में कृषि विस्तार सेवाओं, पोषक अनाज एवं खाद्य सुरक्षा, बीज और रोपण सामग्री, बागवानी विकास, डिजिटल कृषि, तिलहन मिशन, ऑयल पाम और दलहन मिशन से जुड़े कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के अनुसार इन गतिविधियों से किसानों को नई तकनीकों की जानकारी और बेहतर कृषि संसाधन उपलब्ध होंगे। साथ ही उत्पादन लागत को कम करने, उत्पादकता बढ़ाने तथा कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार लाने में भी सहायता मिलेगी।
सिक्किम को 50.58 करोड़ रुपये
सिक्किम के लिए कुल 50.58 करोड़ रुपये की दूसरी मदर सैंक्शन स्वीकृत की गई है। इसमें PM-RKVY के तहत 47.37 करोड़ रुपये और कृषोन्नति योजना के तहत 3.21 करोड़ रुपये शामिल हैं।
सिक्किम की भौगोलिक एवं प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए यहां टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को विशेष महत्व दिया जाएगा। PM-RKVY के तहत कृषि परियोजनाओं, सूक्ष्म सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, मृदा एवं जल संरक्षण तथा कृषि-वनीकरण से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
इसके अलावा कृषोन्नति योजना के तहत कृषि विस्तार, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा, बीज, बागवानी, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, डिजिटल कृषि, तिलहन और दलहन से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, कृषि संसाधन और उत्पादन से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
योजनाओं का लाभ खेत और किसान तक पहुंचे
बैठक में श्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों और राज्य सरकारों से कहा कि केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई जा रही राशि का उपयोग पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने स्वीकृत परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा क्रियान्वयन के दौरान आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश भी दिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योजनाओं के परिणामों का मूल्यांकन किया जाना जरूरी है, ताकि यह पता चल सके कि सरकारी निवेश का वास्तविक लाभ किसानों को कितना मिल रहा है।
आधुनिक और लाभकारी खेती पर जोर
श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के किसान हितैषी नेतृत्व में केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत, आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि खेती की पूरी व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
उन्होंने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण इनपुट, आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाएं, कृषि यंत्रीकरण, बागवानी, डिजिटल सेवाएं और बाजार से जुड़ी सुविधाएं समय पर मिलना जरूरी है। इन क्षेत्रों में निवेश से किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ उनकी आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
केंद्र-राज्य समन्वय से बढ़ेगा योजनाओं का प्रभाव
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं की सफलता के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। राज्यों को अपनी स्थानीय परिस्थितियों और किसानों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं को लागू करना चाहिए।
उन्होंने गुजरात और सिक्किम सरकारों से स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और उनके प्रभाव का मूल्यांकन करने का आग्रह किया। श्री चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करती रहेगी।
बैठक में दोनों राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्रालय तथा गुजरात और सिक्किम के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत कुल 275.52 करोड़ रुपये से दोनों राज्यों में कृषि विकास की विभिन्न परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। इससे कृषि यंत्रीकरण, सिंचाई, बागवानी, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, डिजिटल कृषि, मृदा संरक्षण तथा तिलहन-दलहन उत्पादन जैसे क्षेत्रों में किसानों को लाभ मिलने की संभावना है।
