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रबी सीजन में किसानों को मिलेगी बड़ी राहत! मध्यप्रदेश को मिला 250 मेगावाट अतिरिक्त बिजली कोटा, ₹4.50 प्रति यूनिट होगी दर

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हलधर किसान भोपाल | 04 नवंबर 2026 मध्यप्रदेश में रबी सीजन के दौरान किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रदेश सरकार को बड़ी सफलता मिली है। सर्दियों के मौसम में खेतों में सिंचाई का काम बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में भी तेजी से वृद्धि होती है। ऐसे में किसानों को पर्याप्त और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश को 250 मेगावाट अतिरिक्त बिजली आवंटित की है। यह बिजली ईस्टर्न रीजन अनअलोकेटेड पावर पूल (Eastern Region Unallocated Power Pool) से उपलब्ध कराई जाएगी। इसके माध्यम से प्रदेश की बिजली व्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है।

यह अतिरिक्त बिजली राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (NTPC) के माध्यम से मध्यप्रदेश को प्राप्त होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस आवंटन को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा और बिजली की दर लगभग 4.50 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई है। रबी सीजन में बिजली की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए यह फैसला प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऊर्जा मंत्री के प्रयासों से मिला अतिरिक्त बिजली कोटा

मध्यप्रदेश में रबी सीजन के दौरान गेहूं, चना, सरसों, मसूर और अन्य रबी फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को नियमित बिजली की आवश्यकता होती है। जैसे-जैसे फसलों की सिंचाई का समय आता है, वैसे-वैसे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की मांग भी बढ़ने लगती है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के प्रयासों से केंद्र सरकार के स्तर पर अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने की पहल की गई।

इन प्रयासों के परिणामस्वरूप केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश को 250 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत आवंटित करने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश को बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी। खासतौर पर रबी सीजन में कृषि कार्यों के लिए बिजली की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में यह अतिरिक्त आवंटन उपयोगी साबित हो सकता है।

लगभग 4.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से मिलेगी बिजली

इस निर्णय की एक अहम विशेषता बिजली की किफायती दर है। मध्यप्रदेश को आवंटित की गई अतिरिक्त बिजली लगभग 4.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध होगी। इससे प्रदेश को प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर अतिरिक्त बिजली खरीदने का अवसर मिलेगा।

बिजली खरीद की लागत को नियंत्रित रखना किसी भी राज्य की विद्युत वितरण व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होता है। यदि अधिक कीमत पर बिजली खरीदनी पड़े तो उसका असर बिजली व्यवस्था के आर्थिक प्रबंधन पर पड़ सकता है। ऐसे में अपेक्षाकृत किफायती दर पर 250 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने से प्रदेश सरकार को बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ खरीद लागत को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलेगी।

किसानों को सिंचाई के समय मिल सकती है राहत

मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती पर निर्भर है। प्रदेश के कई जिलों में रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई और सिंचाई के लिए बिजली की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके अलावा चना, मसूर, सरसों और अन्य फसलों की सिंचाई भी काफी हद तक विद्युत आपूर्ति पर निर्भर करती है।

सिंचाई के महत्वपूर्ण समय पर बिजली की उपलब्धता प्रभावित होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों की बढ़वार और उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे में अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने से प्रदेश की कुल विद्युत आपूर्ति क्षमता को मजबूती मिलेगी और कृषि क्षेत्र की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, इस अतिरिक्त आवंटन का वास्तविक लाभ किसानों तक किस स्तर पर और किस समय-सारणी के अनुसार पहुंचेगा, यह प्रदेश की बिजली वितरण व्यवस्था और उपलब्धता के प्रबंधन पर निर्भर करेगा।

केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई के दिए निर्देश

भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय ने इस संबंध में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय की ओर से आवंटन को तत्काल प्रभाव से लागू करने और संबंधित पक्षों को इसकी जानकारी देने के लिए कहा गया है।

आवंटित बिजली का उपयोग शुरू करने के लिए आवश्यक विद्युत क्रय अनुबंध (Power Purchase Agreement-PPA) और अन्य वाणिज्यिक औपचारिकताएं नियमानुसार पूरी की जाएंगी। इसके बाद NTPC के माध्यम से मध्यप्रदेश को निर्धारित अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

कृषि के साथ घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी मिलेगा लाभ

250 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का आवंटन केवल कृषि क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं की मांग को संतुलित करने के उद्देश्य से किया गया है। रबी सीजन में जहां किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की आवश्यकता रहती है, वहीं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं तथा उद्योगों की बिजली खपत भी महत्वपूर्ण होती है।

ऐसे में अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने से प्रदेश की विद्युत व्यवस्था पर पड़ने वाला दबाव कम करने में सहायता मिल सकती है। इससे मांग के अनुरूप बिजली आपूर्ति की योजना बनाने और विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने में सरकार को अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे।

अब निर्बाध बिजली आपूर्ति पर रहेगी नजर

मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को मांग के अनुरूप विश्वसनीय और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है। रबी सीजन के दौरान 250 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का आवंटन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अब किसानों और आम उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर रहेगी कि अतिरिक्त बिजली का लाभ जमीनी स्तर पर किस तरह मिलता है। विशेष रूप से सिंचाई के समय ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित समय पर बिजली उपलब्ध कराना बिजली वितरण कंपनियों के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

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