हलधर किसान, नई दिल्ली (कृषि)। खरीफ फसलों की बुवाई देशभर में अंतिम दौर में पहुंच गई है। सरकारी आंकड़ों पर नजर डाले तो गत वर्ष के मुकाबले इस बार 14 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रफल में बुआई हुई है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के मुताबिक, 8 चुलाई तक खरीफ फसलों की बवाई 378 लाख हेक्टेयर से ज्यादा हुई. जो पिछले साल की तुलना में 14.10% बढ़ी है. वहीं, दलहनी फसलों के क्षेत्र में 50 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है.
आंकड़ों के मुताबिक, धान की बुवाई 59.99 लाख हेक्टेयर और दाल की बुवाई 36.81 लाख हेक्टेयर हुई है. दालों में अरहर की बुवाई 20.82 लाख हेक्टेयर और उड़ दाल की बुवाई 5.37 लाख हेक्टेयर हुई. मूंगदाल की बुवाई 8.49 लाख हेक्टेयर, कुल्थी की 0.08 लाख हेक्टेयर और अन्य दालों की बुवाई 2.05 लाख हेक्टेयर हेक्टेयर हुई.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 8 जुलाई तक श्रीअन्न सह मोटे अनाज की बुवाई का रकबा 58.48 लाख हेक्टेयर रहा. इसमें ज्वार 3.66 लाख हेक्टेयर, बाजरा 11.41 लाख हेक्टेयर, रागी 1.02 लाख हेक्टेयर, छोटा बाजरा 1.29 लाख हेक्टेयर और मक्का 41.09 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है.
तिलहन की बुवाई 80.31 लाख हेक्टेयर में हुई है. इसमें मूंगफली 17.85 लाख हेक्टेयर, सोयाबीन 60.63 लाख हेक्टेयर, सूरजमुखी 0.46 लाख हेक्टेयर, तिल 1.04 लाख हेक्टेयर, रामतिल 0.19 लाख हेक्टेयर , अरंडी 0.10 लाख हेक्टेयर और अन्य तिहलन 0.04 लाख हेक्टेयर.

गन्ना की बुवाई 56.88 लाख हेक्टेयर में हुई है. जूट और रेशे वाली मेस्टा फसलों की बुवाई 5.63 लाख हेक्टेयर और कपास की 80.63 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई.
विश्लेषकों का कहना है कि उर्वरक क्षेत्र को भी इस साल बिक्री बढ़ने की उम्मीद है और सभी उर्वरकों को मिलकार इस वित्त वर्ष में बिक्री 1 से 3 प्रतिशत बढ़ सकती है।
मोटे अनाज की बोआई धीमी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 8 जुलाई तक श्रीअन्न सह मोटे अनाज की बोआई का रकबा 58.48 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले साल इस समय तक इन फसलों की बोआई 82.08 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हो चुकी थी। यानी इस साल अभी तक श्रीअन्न सह मोटे अनाज की बोआई पिछले साल की तुलना में 28.8 प्रतिशत कम है।
कपास की 80.63 लाख हेक्टेयर में बोआई हुई जो पिछले साल की तुलना में 29.3 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल इस समय तक कपास की बोआई 62.34 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई थी। गन्ना की बोआई 56.88 लाख हेक्टेयर में हुई है।
